Invester golden rulls
30 days invester bigginer tips
22th=second day
शेयर कब खरीदे और कब बेचे
हजारो प्रोधोगिकी कंपनिया मौजूद है,सैकड़ो कंपनियों ने प्रौद्योगिकी "बुलबुले" के दौरान अपने आई,पी,ओ उतरे लेकिन जब तक हमारे पास 10 शीर्ष कंपनिया नही थी या हमने उनकी पहचान नही की थी, सम्भावना थी कि हमने नकारात्मक अंत किया होता। और 10 शीर्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए,हमे लगभग प्रत्येक आई,पी,ओ में आवेदन करना होगा। हर अच्छे शेयर की प्राप्ति के लिए हमे दर्जनों बेकार कंपनियों के शेयर खरीदने पड़ते है (वह भी नकारात्मक "रिटर्न" के साथ )। और यदि हम इन बेकार के शेयर को नही बेचते,उनसे होने वाले नुकसान, हमे फायदा देने वाले शेयरों को भी निगल जाएंगे।
अधिकांश सूचीबध्द कंपनिया, पैसे की आसान उपलब्ध, बीमार योजनाओ,प्रबंधन की खराब गुणवत्ता और अधिशेष अर्थव्यवस्था में अच्छे उत्पादों की असमर्थता का शिकार होकर गिर जाएगी। हो सकता है आप कम पी,ई अनुपात वाले सामान्य मूल्य मानको, विकास क्षमता और बड़े आर्डर प्राप्त करने के आधार पर शेयर खरीद ले।यदि आपको इसकी जानकारी नही है कि कौन सा सैक्टर कैसे कार्य करता है,तो आप उस सैक्टर के शेयर न खरीदे। इन दो स्तरों की जांच-परख के बाद,यह देख ले कि शेयर की कीमत और मात्रा गतिमान हो।
उदाहरण के लिए,यदि आप किसी दवा कंपनी के शेयर खरीद रहे है तो आप इस सेक्टर को कितने गहराई से जानते है? क्या आप "स्टेराइल सेफैलोसपोरिन" और "सेफैलोस्पोरिन" के निर्माता के बीच अंतर कर सकते है? क्या आप अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में "पैरा-।।। फाइलिंग" या"पैरा-।5फाईलिंग" के बीच अंतर जानते है? या क्या आप किसी दवा के सम्बंध में अदालत में दाखिल अर्जी के परिणाम की भविष्यवाणी कर सकते है? यह चालाकी आपको एक बढ़त प्रदान करती है या आपको अंधेरे क्षेत्र से बचाती है। इस विशेषता का विकास करे और आप देखेंगे कि आप कैसे अच्छा लाभ देने वाले शेयर खरीदते है।
किसी तेज रैली की शुरुवात में या अगर वे कीमते एक लंबी खमोशी के बाद बढ़ना आरम्भ करती है तो शेयरों को बेचने से परहेज करें। हम अभी हाल ही में घटी घटनाओ को याद रखते है और यह जरूरी नही की वे सस्ते महत्वपूर्ण या सबसे शक्तिशाली हो। यदि कीमतों में कई सालों से बढ़ोतरी नही हुई है और अचानक ही उनमें उछाल आया जाता है तो निवेशक शेयर बेच देते है (कम कीमतों के आदि होकर हम मान बैठते है कि बाजार ऐसे ही रहेंगे)।
निवेश एक धैर्य का खेल है। यह हो सकता है कि आप सही समय पर सही शेयरों का चुनाव करे और उनके साथ पांच वर्ष बैठे रहे।इस लम्बी प्रतीक्षा के पश्चात,शेयर दुगुने हो जाते है और आप खुशी से पागल होकर जहाज से समुन्द्र में छलांग लगा देते है। आप शायद सही थे कि शेयर का मूल्यांकन अधिक किया गया था, लेकिन ऐसा हो सकता है कि यह पिछले मानको के आधार पर हो । तब क्या होगा,जब व्यापार की गतिशीलता में बदलाव आया हो और वित्तीय परिणामो में उसे अभी तक भी दिखाया न गया हो।
उदाहरण के लिए,एक आई,टी, कंपनी रक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। मान लीजिए उनके दो दशक के व्यापारिक सम्बन्ध है और कंपनी 2 बिलियन अमरीका डॉलर के अनुबंध के लिए बोली लगाने का फैसला करती है । वित्तीय रिपोर्ट में इसे आय पक्ष में नही दिखाया गया क्योंकि वे यह धन अपने क्लाइंट को दो प्रमुख परियोजनाओं के दिखाने में खर्च कर रही है। हालांकि, वे अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका उल्लेख करते है। क्या यह अच्छी खरीद होगी?पी,ई आदि के पारंपरिक अर्थो में शायद ऐसा न हो। यह एक अच्छी खरीद हो सकती हैअगर आपने क्षितिज के उस पर भी निगाह दौड़ाई हो और देखा हो कि उसमें कितनी सम्भावनाये है ।यदि आपके पास शेयर है तो आप इन्हें दुगुने होने पर बेच सकते है। लेकिन यह बहुत जल्दबाजी हो सकती है। हो सकता है शेयर 10 गुना बढ़ जाए। हो सकता है कि एक दो संस्थाओ या चतुर निवेशको ने पहले ही गणना कर ली हो कि कितना लाभ आएगा और शेयर की कीमत में होने वाली वृद्धि उनके इरादों को जाहिर कर देगी।
आरम्भिक सार्वजनिक प्रस्ताव ( आई,पी,ओ ) में भी "मूल्य" हो सकता है,हालांकि बाजार का विशिष्ट चरण बहुत महत्व का है। जब कोई बाजार मन्दी के चरण से उभरता है,तो तेजी की रैली के प्रथम चरण में,आई,पी,ओ, दुर्लभ होते है और जिनके पास शेयर होते है,वे उन्हें " होल्ड" करके रख लेते है।दूसरे चरण में कुछ शेयर बेच दिए जाते है और आई,पी ओ बाजार में उतर आते है लेकिन वे अच्छी गुणवत्ता वाले होते है। इन दोनों ही चरणों मे,शेयरो की मांग,पूर्ति की अपेक्षा अधिक होती और जब आई,पी,ओ,से इस चरण में शेयर खरीदे जाए तो मूल्य-निवेशकों को शुरू में शेयर बेचने से बचना चाहिए। तीसरी चरण में, शेयरों की भूख बहुत बढ़ जाती है लेकिन इसके साथ शेयरों की बिक्री और आई,पी,ओ की संख्या भी बढ़ती है ( हालांकि ये कमजोर गुणवत्ता वाले और महंगे होते है ) चौथे चरण में शेयरों की बिक्री और आई, पी,ओ का प्रवाह, मांग की अपेक्षा ज्यादा होता है,जो बाजार को खराब चक्र की ओर ले जाता है।
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शेयर कब खरीदे और कब बेचे
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अधिकांश सूचीबध्द कंपनिया, पैसे की आसान उपलब्ध, बीमार योजनाओ,प्रबंधन की खराब गुणवत्ता और अधिशेष अर्थव्यवस्था में अच्छे उत्पादों की असमर्थता का शिकार होकर गिर जाएगी। हो सकता है आप कम पी,ई अनुपात वाले सामान्य मूल्य मानको, विकास क्षमता और बड़े आर्डर प्राप्त करने के आधार पर शेयर खरीद ले।यदि आपको इसकी जानकारी नही है कि कौन सा सैक्टर कैसे कार्य करता है,तो आप उस सैक्टर के शेयर न खरीदे। इन दो स्तरों की जांच-परख के बाद,यह देख ले कि शेयर की कीमत और मात्रा गतिमान हो।
उदाहरण के लिए,यदि आप किसी दवा कंपनी के शेयर खरीद रहे है तो आप इस सेक्टर को कितने गहराई से जानते है? क्या आप "स्टेराइल सेफैलोसपोरिन" और "सेफैलोस्पोरिन" के निर्माता के बीच अंतर कर सकते है? क्या आप अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में "पैरा-।।। फाइलिंग" या"पैरा-।5फाईलिंग" के बीच अंतर जानते है? या क्या आप किसी दवा के सम्बंध में अदालत में दाखिल अर्जी के परिणाम की भविष्यवाणी कर सकते है? यह चालाकी आपको एक बढ़त प्रदान करती है या आपको अंधेरे क्षेत्र से बचाती है। इस विशेषता का विकास करे और आप देखेंगे कि आप कैसे अच्छा लाभ देने वाले शेयर खरीदते है।
किसी तेज रैली की शुरुवात में या अगर वे कीमते एक लंबी खमोशी के बाद बढ़ना आरम्भ करती है तो शेयरों को बेचने से परहेज करें। हम अभी हाल ही में घटी घटनाओ को याद रखते है और यह जरूरी नही की वे सस्ते महत्वपूर्ण या सबसे शक्तिशाली हो। यदि कीमतों में कई सालों से बढ़ोतरी नही हुई है और अचानक ही उनमें उछाल आया जाता है तो निवेशक शेयर बेच देते है (कम कीमतों के आदि होकर हम मान बैठते है कि बाजार ऐसे ही रहेंगे)।
निवेश एक धैर्य का खेल है। यह हो सकता है कि आप सही समय पर सही शेयरों का चुनाव करे और उनके साथ पांच वर्ष बैठे रहे।इस लम्बी प्रतीक्षा के पश्चात,शेयर दुगुने हो जाते है और आप खुशी से पागल होकर जहाज से समुन्द्र में छलांग लगा देते है। आप शायद सही थे कि शेयर का मूल्यांकन अधिक किया गया था, लेकिन ऐसा हो सकता है कि यह पिछले मानको के आधार पर हो । तब क्या होगा,जब व्यापार की गतिशीलता में बदलाव आया हो और वित्तीय परिणामो में उसे अभी तक भी दिखाया न गया हो।
उदाहरण के लिए,एक आई,टी, कंपनी रक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। मान लीजिए उनके दो दशक के व्यापारिक सम्बन्ध है और कंपनी 2 बिलियन अमरीका डॉलर के अनुबंध के लिए बोली लगाने का फैसला करती है । वित्तीय रिपोर्ट में इसे आय पक्ष में नही दिखाया गया क्योंकि वे यह धन अपने क्लाइंट को दो प्रमुख परियोजनाओं के दिखाने में खर्च कर रही है। हालांकि, वे अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका उल्लेख करते है। क्या यह अच्छी खरीद होगी?पी,ई आदि के पारंपरिक अर्थो में शायद ऐसा न हो। यह एक अच्छी खरीद हो सकती हैअगर आपने क्षितिज के उस पर भी निगाह दौड़ाई हो और देखा हो कि उसमें कितनी सम्भावनाये है ।यदि आपके पास शेयर है तो आप इन्हें दुगुने होने पर बेच सकते है। लेकिन यह बहुत जल्दबाजी हो सकती है। हो सकता है शेयर 10 गुना बढ़ जाए। हो सकता है कि एक दो संस्थाओ या चतुर निवेशको ने पहले ही गणना कर ली हो कि कितना लाभ आएगा और शेयर की कीमत में होने वाली वृद्धि उनके इरादों को जाहिर कर देगी।
आरम्भिक सार्वजनिक प्रस्ताव ( आई,पी,ओ ) में भी "मूल्य" हो सकता है,हालांकि बाजार का विशिष्ट चरण बहुत महत्व का है। जब कोई बाजार मन्दी के चरण से उभरता है,तो तेजी की रैली के प्रथम चरण में,आई,पी,ओ, दुर्लभ होते है और जिनके पास शेयर होते है,वे उन्हें " होल्ड" करके रख लेते है।दूसरे चरण में कुछ शेयर बेच दिए जाते है और आई,पी ओ बाजार में उतर आते है लेकिन वे अच्छी गुणवत्ता वाले होते है। इन दोनों ही चरणों मे,शेयरो की मांग,पूर्ति की अपेक्षा अधिक होती और जब आई,पी,ओ,से इस चरण में शेयर खरीदे जाए तो मूल्य-निवेशकों को शुरू में शेयर बेचने से बचना चाहिए। तीसरी चरण में, शेयरों की भूख बहुत बढ़ जाती है लेकिन इसके साथ शेयरों की बिक्री और आई,पी,ओ की संख्या भी बढ़ती है ( हालांकि ये कमजोर गुणवत्ता वाले और महंगे होते है ) चौथे चरण में शेयरों की बिक्री और आई, पी,ओ का प्रवाह, मांग की अपेक्षा ज्यादा होता है,जो बाजार को खराब चक्र की ओर ले जाता है।

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