Success invester tip
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेम गेंदरे अपने इस ब्लॉग में शेयर मार्किट के बारे में काफी सारी जानकारी देता हूँ जिससे आप अपने इन्वेस्ट को बड़ा सकते है धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
30 days for success tip
24th=day
शेयरों से पहले, सेक्टर पर ध्यान दें
शेयर झुंड में चलते है। यदि एक सेक्टर बाजार की भावना को पकड़ता है तो उस सेक्टर के अधिकांश शेयर आगे बढ़ेंगे। यह गतिविधि एक जैसी नही होगी और न ही एक समय पर होगी लेकिन उस सेक्टर के अधिकांश शेयरों में गतिविधि होगी। शेयर खरीदने का यही एक सुरक्षित तरीके है।सेक्टर में यह रैली कुछ सप्ताहों से लेकर कुछ महीनों या कुछ वर्षों तक चल सकती है।एक सेक्टर में होने वाली रैली, शेयरों की कीमत में कई गुना वृद्धि कर सकती है।
एक शेयर अपने दम पर भी चल सकती है। ऐसी रैलियां आमतौर पर ऑपरेटरों द्वारा संरचनात्मक बदलाव से संचालित होती है। हालांकि, जब किसी सेक्टर में गतिविधि न हो तो एक अकेले शेयर में तेजी आने का कोई एक कारण निश्चित करना बहुत मुश्किल है। ऐसे शेयरों में निवेश करने में बहुत अधिक जोखिम होता है।
शेयर के "मूल्य" में एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर तक लगातार परिवर्तन आता है। जब "मूल्य"एक सेक्टर में स्थानांतरित होता है,तो आमतौर पर इससे कोई फर्क नही पड़ता कि आपके पास उस सेक्टर का कौन सा शेयर है। सेक्टर जिस दिशा की ओर बढेगा, अधिकांश शेयर भी उसी दिशा में जाएंगे।
निवेशक को आकर्षित करने वाले या "दुर्लभता" के इनाम वाला ( कुछ सूचीबद्ध शेयर ) सेक्टर अधिकांश शेयरों में कई गुना "रिटर्न" उतपन्न करेगा और इसका लाभ अच्छे या बुरे सभी शेयरों तक पहुचाएगा। यह आपके जोखिम को कम कर देता है और आपके "मूल्य" की संभावना को बड़ा देता है,चाहे आपके पास कोई भी शेयर हो। दूसरी और, एक मन्द सेक्टर में, एक "मार्गदर्शक" शेयर को चुनने का प्रयास करना,एक दर्दनाक कार्य हो सकता हैं, जबकि शेयर कहीं न जा रहा हो।
आई,टी, सेक्टर दिखाता है कि कैसे दुनिया एक ही दायरे में आ गई है और इससे कोई अंतर नही पड़ता कि अगर आपके पास सबसे बड़े और सर्वश्रेष्ठ शेयर है या छोटे और सबसे बुरे शेयर,आपने "मूल्य-निवेश की संभावना को कम कर दिया है।यह कुछ ही कंपनियों के साथ आरम्भ हुआ, जिन्होंने एक काल्पनिक सिद्धांत पर दांव खेला जो वर्ष 2000 में हमारे सामने आने वाला था। ऐसा सिद्धांत कभी नही आता लेकिन इस उम्मीद ने बड़ी आई,टी,कंपनियों को बहुत बड़ा बना दिया और हजारों कंपनियां बाजार में आ गई। सैकड़ो सुछिबद्ध हुई और विलुप्त हो गई। कुछेक जो बच गई थी,यंत्रवत कार्य करती रही और इस सब के अंत मे 10 से भी कम विश्वस्तरीय कंपनियां सामने आई। यह सब सिर्फ 10 वर्षो के दौरान हुआ। ऐसे परिदृश्य में, लाखो लोगो ने ऐसी कंपनियों के शेयर खरीद लिया जो सिर्फ आलमारी में रखने लायक थे और जिन्होंने भविष्य मे कभी कोई व्यापार नही किया। कुछेक लोग ही भाग्यशाली रहे जिन्होंने सही "मूल्य" प्राप्त किया और कंपनी के शीर्ष तक पहुचने का आनंद लिया लेकिन वे अपने भाग्यशाली चुनाव का फल नही चख सके और बहुत जल्द ही उन्होंने शेयर बेंच डाले। बहुत ही कम लोगो के पास ही कुछ सही था-सही शेयर,सही भाग्य और उनके शेयर 10 गुना नही लेकिन 100 गुना बढ़ गए। हो सकता है 1000 भी बढ़ गए हो।
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेम गेंदरे अपने इस ब्लॉग में शेयर मार्किट के बारे में काफी सारी जानकारी देता हूँ जिससे आप अपने इन्वेस्ट को बड़ा सकते है धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
30 days for success tip
24th=day
शेयरों से पहले, सेक्टर पर ध्यान दें
शेयर झुंड में चलते है। यदि एक सेक्टर बाजार की भावना को पकड़ता है तो उस सेक्टर के अधिकांश शेयर आगे बढ़ेंगे। यह गतिविधि एक जैसी नही होगी और न ही एक समय पर होगी लेकिन उस सेक्टर के अधिकांश शेयरों में गतिविधि होगी। शेयर खरीदने का यही एक सुरक्षित तरीके है।सेक्टर में यह रैली कुछ सप्ताहों से लेकर कुछ महीनों या कुछ वर्षों तक चल सकती है।एक सेक्टर में होने वाली रैली, शेयरों की कीमत में कई गुना वृद्धि कर सकती है।
एक शेयर अपने दम पर भी चल सकती है। ऐसी रैलियां आमतौर पर ऑपरेटरों द्वारा संरचनात्मक बदलाव से संचालित होती है। हालांकि, जब किसी सेक्टर में गतिविधि न हो तो एक अकेले शेयर में तेजी आने का कोई एक कारण निश्चित करना बहुत मुश्किल है। ऐसे शेयरों में निवेश करने में बहुत अधिक जोखिम होता है।
शेयर के "मूल्य" में एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर तक लगातार परिवर्तन आता है। जब "मूल्य"एक सेक्टर में स्थानांतरित होता है,तो आमतौर पर इससे कोई फर्क नही पड़ता कि आपके पास उस सेक्टर का कौन सा शेयर है। सेक्टर जिस दिशा की ओर बढेगा, अधिकांश शेयर भी उसी दिशा में जाएंगे।
निवेशक को आकर्षित करने वाले या "दुर्लभता" के इनाम वाला ( कुछ सूचीबद्ध शेयर ) सेक्टर अधिकांश शेयरों में कई गुना "रिटर्न" उतपन्न करेगा और इसका लाभ अच्छे या बुरे सभी शेयरों तक पहुचाएगा। यह आपके जोखिम को कम कर देता है और आपके "मूल्य" की संभावना को बड़ा देता है,चाहे आपके पास कोई भी शेयर हो। दूसरी और, एक मन्द सेक्टर में, एक "मार्गदर्शक" शेयर को चुनने का प्रयास करना,एक दर्दनाक कार्य हो सकता हैं, जबकि शेयर कहीं न जा रहा हो।
आई,टी, सेक्टर दिखाता है कि कैसे दुनिया एक ही दायरे में आ गई है और इससे कोई अंतर नही पड़ता कि अगर आपके पास सबसे बड़े और सर्वश्रेष्ठ शेयर है या छोटे और सबसे बुरे शेयर,आपने "मूल्य-निवेश की संभावना को कम कर दिया है।यह कुछ ही कंपनियों के साथ आरम्भ हुआ, जिन्होंने एक काल्पनिक सिद्धांत पर दांव खेला जो वर्ष 2000 में हमारे सामने आने वाला था। ऐसा सिद्धांत कभी नही आता लेकिन इस उम्मीद ने बड़ी आई,टी,कंपनियों को बहुत बड़ा बना दिया और हजारों कंपनियां बाजार में आ गई। सैकड़ो सुछिबद्ध हुई और विलुप्त हो गई। कुछेक जो बच गई थी,यंत्रवत कार्य करती रही और इस सब के अंत मे 10 से भी कम विश्वस्तरीय कंपनियां सामने आई। यह सब सिर्फ 10 वर्षो के दौरान हुआ। ऐसे परिदृश्य में, लाखो लोगो ने ऐसी कंपनियों के शेयर खरीद लिया जो सिर्फ आलमारी में रखने लायक थे और जिन्होंने भविष्य मे कभी कोई व्यापार नही किया। कुछेक लोग ही भाग्यशाली रहे जिन्होंने सही "मूल्य" प्राप्त किया और कंपनी के शीर्ष तक पहुचने का आनंद लिया लेकिन वे अपने भाग्यशाली चुनाव का फल नही चख सके और बहुत जल्द ही उन्होंने शेयर बेंच डाले। बहुत ही कम लोगो के पास ही कुछ सही था-सही शेयर,सही भाग्य और उनके शेयर 10 गुना नही लेकिन 100 गुना बढ़ गए। हो सकता है 1000 भी बढ़ गए हो।

0 comments:
Post a Comment