Gereral do
होलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में शेयर मार्केट के बारे नई नई जानकारी देता हूं जिससे आपकी इंवेस्टिंग की सारी परेशानी दूर हो जायेगी धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
शेयर धारको को दिए हुए हक्क
(१).कंपनी का डिविडेंड जाहिर करने के बाद और सभा मे मंजूर होने के बाद शेयर धारक को वह समय पर मिलना चाहिए।
(२).कंपनी ने राईट शेयर,बोनस शेयर,डिबेंचर आदि ईश्यू करने के बाद वह समय पर मिलने चाहिए।
(३).अगर कंपनी वार्षिक सामान्य नही रखती तो वह बुलाने के लिए शेयर धारक कंपनी के लॉ बोर्ड में अर्ज कर सकते है।
(४).शेयर धारक को मिनीट बुक में जनरल मिटिंग का अहवाल चेक करने का और उसके नमूने की कॉपी लेने का अधिकार है।
(५).कंपनी के वार्षिक जनरल मिटींग व सामान्य जनरल मिटींग में शेयर होल्डर को अथवा उनके प्रतिनिधि को उपस्थित रहने का अधिकार है और उसे वोट देने का भी अधिकार है।
(६).शेयर होल्डर को कंपनी का वार्षिक अहवाल,कंपनी की बैलेंस शीट,प्रॉफिट एंड लॉस एकाउंट और ऑडिट रिपोर्ट की एक कॉपी कंपनी के तरफ से मिलनी चाहिए।
(७).किसी भी कारण से गड़बड़ हुई तो कंपनी के संचालक और व्यवस्थापक इन पर सिविल और क्रिमिनल केस दाखिल करने का अधिकार शेयर धारक के पास है।
सेबी-इंसाइटर ट्रेंडिंग का निषेध
1992 के कनुन के तहत इनसाइडर ट्रेडिंग पर सेबी ने निषेध लगाया है
अंदरूनी व्यक्ति
इस व्यक्ति के पास कंपनी के सभी अंतर्गत और गुप्त व्यवहार सँभालने की जिम्मेदारी होती है। उदा, कंपनी को मिलनेवाले ऑर्डर्स,बोनस अथवा राईट ईश्यू करने की जानकारी,इत्यादि। यह जानकारी कंपनी बाहर जाहिर नही करती।
कंपनी के साथ जुड़े हुए व्यक्ति
कंपनी एक्ट 1956 में नियम 2 क्रमांक,13 के अंतर्गत कंपनी का व्यवस्थापन व्यवस्थापक द्वारा किया जाता है। वह कंपनी में मुख्य अथवा सहकारी के तौर पर तत्काल अथवा स्थिर कालावधी के लिए कार्य करता है। कंपनी का गुप्त व्यवहार सँभालने की जिम्मेदारी उन्हें दी जाती है और उन्हें कंपनी से जुड़े हुए व्यक्ति कहा जाता है।
कीमत की संवेदनाशिल जानकारी
कोई भी जानकारी जो कंपनी के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है जैसे कि शेयर की जाहिर न कि हुई कीमत इत्यादि। इस तरह की गुप्त जानकारी को संवेदनाशील जानकारी कहे है।यह जानकारी लीक होने से कंपनी के शेयर की कीमत पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
निश्चित समय के अंतराल से कंपनी से प्रसिद्ध की जानेवाली जानकारी
(।).अंतरिम और अंतिम डिविडेंड की घोषणा।
(।।).सिक्योरिटीज के बॉय बॅक की घोषणा।
(।।।).बड़ी विस्तारित योजना अथवा दूसरे देश की कंपनी से किया जानेवाले करार।
अप्रसिद्ध जानकारी
जो जानकारी कंपनी और उसके एजेंट बाहर प्रसिद्ध नही करते वह जानकारी इलेक्ट्रानिक मीडिया और प्रिंट मीडिया कई बार खुद की धरना से और जानकारी से प्रसिद्ध करते है। जरूरी नही की वह सच ही होगी। कंपनी के शिवाय दूसरे किसी को भी यह अधिकार नही है।
इनसाइडर ट्रेडिंग से सबंधित प्रावधान का उल्लंघन
कोई भी अंदरूनी व्यक्ति सिक्योरिटीझ के लेन देन में, इनसाइडर ट्रेडिंग के 3 या 3ए के प्रावधानों के उल्लंघन करता है, वह इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए दोषी है।
शेयर धारको को क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए
क्या करना चाहिए
(१).हमेशा सेबी के पास रजिस्टर हुए शेयर दलाल के साथ ही व्यवहार करना चाहिए।
(२).अपने सभी निवेश किए पैसो के दस्तावेज की नमूना कॉपी अपने पास ही रखनी चाहिए। उदा, अर्जी पत्र,करारनामा।
(३).अपने कंपनी को भेजे हुए दस्तावेजो की नमूना कॉपी खुद के पास रखिए।
(४).अधिक महत्वपूर्ण कागजात विश्वासवाले पोस्ट या रजिस्टर ऐसे माध्यम द्वारा ही भेजिए।
(५).आकपे और कंपनी के बीच हुए करार के और आपके एकाउंट के स्टेटमेंट सँभालकर रखिए।
(६).खरीदी करते समय आपके पास पूरे पैसे है या नही इसकी तसल्ली कीजिए।
(७).बिक्री करते समय आपके पास उसके लिए कुछ जमानत है या नही इसकी तसल्ली कीजिए।
(८).अगर कंपनी से आपको दिए गए समय मे हुए व्यवहार के योग्य दस्तावेज नही मील तो तुरंत ब्रोकर या कंपनी को संपर्क करना चाहिए।
(९).व्यवहार की सूचना आपके ब्रोकर को स्पष्ट और व्यवस्थित माध्यम से पहचानी चाहिए।
(१०).आपको डीमेट में व्यवहार करना है,या फिजिकल मार्ग से करना है यह पहले तय कीजिए।
क्या नही करना चाहिए
(१).सेबी के साथ रजिस्टर न किए ब्रोकर अथवा सब ब्रोकर के साथ व्यवहार मत कीजिये।
(२).पहचान के लोगो से व्यवहार करते है तो भी व्यवहार पूर्ण होने पर आपके कागजात लेने मत भूलिए।
(३).शेयर अवास्तव कीमत से बढेगे ऐसी झूठी धरना मत रखिए।
(४).कुछ कंपनिया शेयर में व्यवहार करने के लिए सरकार की अनुमति मिली है ऐसा दिखाते है। परंतु कई बार उन्हें किसी दूसरे ही कारण से सरकार की अनुमति मिली होती है। शेयर के व्यवहार के लिए नही।
(५).अफवाओं पर विश्वास मत रखिए।
(६).आपकी पूंजी पोस्ट डेट चेक से वापिस मिलेगी ही ऐसा विस्वास मत रखिए।
(७).शेयर बाजार से संबंधित व्यक्ति और संस्था से मार्गदर्शन लेने में कोई संकोच मत कीजिए।
होलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में शेयर मार्केट के बारे नई नई जानकारी देता हूं जिससे आपकी इंवेस्टिंग की सारी परेशानी दूर हो जायेगी धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
शेयर धारको को दिए हुए हक्क
(१).कंपनी का डिविडेंड जाहिर करने के बाद और सभा मे मंजूर होने के बाद शेयर धारक को वह समय पर मिलना चाहिए।
(२).कंपनी ने राईट शेयर,बोनस शेयर,डिबेंचर आदि ईश्यू करने के बाद वह समय पर मिलने चाहिए।
(३).अगर कंपनी वार्षिक सामान्य नही रखती तो वह बुलाने के लिए शेयर धारक कंपनी के लॉ बोर्ड में अर्ज कर सकते है।
(४).शेयर धारक को मिनीट बुक में जनरल मिटिंग का अहवाल चेक करने का और उसके नमूने की कॉपी लेने का अधिकार है।
(५).कंपनी के वार्षिक जनरल मिटींग व सामान्य जनरल मिटींग में शेयर होल्डर को अथवा उनके प्रतिनिधि को उपस्थित रहने का अधिकार है और उसे वोट देने का भी अधिकार है।
(६).शेयर होल्डर को कंपनी का वार्षिक अहवाल,कंपनी की बैलेंस शीट,प्रॉफिट एंड लॉस एकाउंट और ऑडिट रिपोर्ट की एक कॉपी कंपनी के तरफ से मिलनी चाहिए।
(७).किसी भी कारण से गड़बड़ हुई तो कंपनी के संचालक और व्यवस्थापक इन पर सिविल और क्रिमिनल केस दाखिल करने का अधिकार शेयर धारक के पास है।
सेबी-इंसाइटर ट्रेंडिंग का निषेध
1992 के कनुन के तहत इनसाइडर ट्रेडिंग पर सेबी ने निषेध लगाया है
अंदरूनी व्यक्ति
इस व्यक्ति के पास कंपनी के सभी अंतर्गत और गुप्त व्यवहार सँभालने की जिम्मेदारी होती है। उदा, कंपनी को मिलनेवाले ऑर्डर्स,बोनस अथवा राईट ईश्यू करने की जानकारी,इत्यादि। यह जानकारी कंपनी बाहर जाहिर नही करती।
कंपनी के साथ जुड़े हुए व्यक्ति
कंपनी एक्ट 1956 में नियम 2 क्रमांक,13 के अंतर्गत कंपनी का व्यवस्थापन व्यवस्थापक द्वारा किया जाता है। वह कंपनी में मुख्य अथवा सहकारी के तौर पर तत्काल अथवा स्थिर कालावधी के लिए कार्य करता है। कंपनी का गुप्त व्यवहार सँभालने की जिम्मेदारी उन्हें दी जाती है और उन्हें कंपनी से जुड़े हुए व्यक्ति कहा जाता है।
कीमत की संवेदनाशिल जानकारी
कोई भी जानकारी जो कंपनी के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है जैसे कि शेयर की जाहिर न कि हुई कीमत इत्यादि। इस तरह की गुप्त जानकारी को संवेदनाशील जानकारी कहे है।यह जानकारी लीक होने से कंपनी के शेयर की कीमत पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
निश्चित समय के अंतराल से कंपनी से प्रसिद्ध की जानेवाली जानकारी
(।).अंतरिम और अंतिम डिविडेंड की घोषणा।
(।।).सिक्योरिटीज के बॉय बॅक की घोषणा।
(।।।).बड़ी विस्तारित योजना अथवा दूसरे देश की कंपनी से किया जानेवाले करार।
अप्रसिद्ध जानकारी
जो जानकारी कंपनी और उसके एजेंट बाहर प्रसिद्ध नही करते वह जानकारी इलेक्ट्रानिक मीडिया और प्रिंट मीडिया कई बार खुद की धरना से और जानकारी से प्रसिद्ध करते है। जरूरी नही की वह सच ही होगी। कंपनी के शिवाय दूसरे किसी को भी यह अधिकार नही है।
इनसाइडर ट्रेडिंग से सबंधित प्रावधान का उल्लंघन
कोई भी अंदरूनी व्यक्ति सिक्योरिटीझ के लेन देन में, इनसाइडर ट्रेडिंग के 3 या 3ए के प्रावधानों के उल्लंघन करता है, वह इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए दोषी है।
शेयर धारको को क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए
क्या करना चाहिए
(१).हमेशा सेबी के पास रजिस्टर हुए शेयर दलाल के साथ ही व्यवहार करना चाहिए।
(२).अपने सभी निवेश किए पैसो के दस्तावेज की नमूना कॉपी अपने पास ही रखनी चाहिए। उदा, अर्जी पत्र,करारनामा।
(३).अपने कंपनी को भेजे हुए दस्तावेजो की नमूना कॉपी खुद के पास रखिए।
(४).अधिक महत्वपूर्ण कागजात विश्वासवाले पोस्ट या रजिस्टर ऐसे माध्यम द्वारा ही भेजिए।
(५).आकपे और कंपनी के बीच हुए करार के और आपके एकाउंट के स्टेटमेंट सँभालकर रखिए।
(६).खरीदी करते समय आपके पास पूरे पैसे है या नही इसकी तसल्ली कीजिए।
(७).बिक्री करते समय आपके पास उसके लिए कुछ जमानत है या नही इसकी तसल्ली कीजिए।
(८).अगर कंपनी से आपको दिए गए समय मे हुए व्यवहार के योग्य दस्तावेज नही मील तो तुरंत ब्रोकर या कंपनी को संपर्क करना चाहिए।
(९).व्यवहार की सूचना आपके ब्रोकर को स्पष्ट और व्यवस्थित माध्यम से पहचानी चाहिए।
(१०).आपको डीमेट में व्यवहार करना है,या फिजिकल मार्ग से करना है यह पहले तय कीजिए।
क्या नही करना चाहिए
(१).सेबी के साथ रजिस्टर न किए ब्रोकर अथवा सब ब्रोकर के साथ व्यवहार मत कीजिये।
(२).पहचान के लोगो से व्यवहार करते है तो भी व्यवहार पूर्ण होने पर आपके कागजात लेने मत भूलिए।
(३).शेयर अवास्तव कीमत से बढेगे ऐसी झूठी धरना मत रखिए।
(४).कुछ कंपनिया शेयर में व्यवहार करने के लिए सरकार की अनुमति मिली है ऐसा दिखाते है। परंतु कई बार उन्हें किसी दूसरे ही कारण से सरकार की अनुमति मिली होती है। शेयर के व्यवहार के लिए नही।
(५).अफवाओं पर विश्वास मत रखिए।
(६).आपकी पूंजी पोस्ट डेट चेक से वापिस मिलेगी ही ऐसा विस्वास मत रखिए।
(७).शेयर बाजार से संबंधित व्यक्ति और संस्था से मार्गदर्शन लेने में कोई संकोच मत कीजिए।
0 comments:
Post a Comment