निवेशको के लिए सुवर्ण नियम
(१).खबरे,समाचार में शेयर के भाव का बदलाव देखने से अच्छे शेयर के चार्ट पर ध्यान दीजिए। हम इतने होशियार नही की खबरों से शेयर की कीमत पर होनेवाला प्रभाव जान सके क्योकि चार्ट से ही समाचार में शेयर की जानकारी दी जाती है।
(२).जिस समय शेयर का भाव कीमत से कम होता है उस समय वो खरीदिए। जिस समय शेयर का भाव ज्यादा कीमत से फिर से कम होता है उस समय उन्हें बेचिए।
(३).सपोर्ट में खरीदिए और रेजिस्टन में बिक्री कीजिए।
(४).जब सभी लोग बेचते है तब बिक्री से दूर रखिए। पर बाजार जब एकदम नीचे आता है और कुछ ही समय मे फिर ऊपर जाता है तब हमें बिक्री करनी चाहिए।
(५).मार्केट का ट्रेंड जानिए और उसका अनुकरण कीजिए। उसके साथ ही रखिए उसके विरुद्ध मत जाईये।
(६). ऊपर के भाव मे बेचिए और नीचे के भाव मे खरीदिए।
(७).पुराने सैद्धांतिक तरीके और पुराने विचार छोड़ दीजिए और नए तरीके और नए विचारों का अनुकरण कीजिए। तो ही सफलता मिलेगी।
(८). होशियार आदमी समय पर शेयर बेचता है। भले ही दूसरे आदमी उन्हें पकड़कर रखे।
(९).जब कोई खरीदार नही होता सामने सभी बेचनेवाले होते है तब घबराकर आप अपने शेयर की बिक्री मत कीजिए।
(१०).जिस उद्योग का मूल्यांकन कम है उस शेयर के भाव मे अधिक सपोर्ट मिलने से एकदम बढ़त होती है मगर जब उसका भाव उतरने लगता है तब दुगनी गति से उतरता है। फिर सभी ओर सिर्फ विक्रेताओ का ही ग्रुप तैयार होता है जब मार्केट के झुकाव में तेजी आती है तब भी उस कंपनी के भाव मे बढ़त नही होती। एमजीआर अच्छे मूल्यांकन वाली कंपनी के भाव अच्छी तरह से बढ़ते है।
(११).संकट के समय दलालो ने अथवा दूसरे लोगो ने बताए उपाय सुनिए परन्तु आप स्वम ही ठीक तरह से विचार करके निर्णय लीजिए। पैसो का लोभ करने से घाटा ही मिलता है।
(१२).निवेश और फायदा कमाने के लिए जल्दबाजी मत कीजिए। अगर भाव धीरे धीरे बढ़ता रहा तो भी कुछ फर्क नही पड़ता परन्तु अपने पोर्टफोलियो में उसके हिसाब से जरूर बदलाव कीजिए।
(१३).सट्टेबाजी मत कीजिए अनुशासन से काम कीजिए सिर्फ उसमे कुछ सहूलियत रहने दीजिए।
(१४).आपने शेयर खरीदने के बाद अगर उनके भाव बढ़ते है तो ही आगे की खरीदी कीजिए और भाव एकदम से बढ़ने के बाद बिक्री कीजिए।
(१५).आपके शेयर खरीदने के बाद अगर भाव कम हुए तो कम होने दीजिए जब बढ़ने की शुरुवात होगी उसके बाद ही एवरेज करनी हो तो थोड़ी खरीदी कीजिए और एवरेज करने के बाद फायदा आने पर बिक्री कीजिए।
(१६).तेजी का प्रवाह बदलता नही तब तक शेयर न बेचकर मुनाफा कमाने का विचार मत कीजिए। अधिक लोभी मत बनिए ठीक तरह सोचकर बिक्री का निर्णय लीजिए।
(१७).शेयर बाजार में तेजी के समय वृद्धि की तुलना में संयम से अधिक लाभ मिल सकता है।
(१८).जिस क्षेत्र की कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत हो,वह हमेशा अच्छा रिकॉर्ड रखती हो,मुनाफा करके वृद्धि करती हो और आर्थिक मंदी का दृढ़ता से सामना करती हो,तो ऐसी कंपनी में निवेश कीजिए।
(१९).सेंसेक्स के पिछले कुछ वर्षों की चाल का अध्ययन करना जरूरी है
(२०).स्टॉप लॉस लगाएं बीना काम मत कीजिए।
0 comments:
Post a Comment