30 days bigginer investor rulls
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में हार्दिक स्वागत करता हूँ जिसमें इस ब्लॉग में निवेश की सारी जानकारी देता हूँ और इसमें 30 दिन में शेयर बाजार में सफल निवेशक कैसे बना जाय इसकेबारे में काफी डिटेल में जानकारी मिलती है धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शूभ हो मंगलमय हो
30 दिन में स्टॉक मार्केट में
सफल निवेशक कैसे बने?
दिन -1://
निवेशक आनंददायक और पुरस्कार देने वाले
भी हो सकता है, यदि आप इसे सोने के अंडे देने वाली मुर्गी न समझे तो। यह सोने का अंडा दे सकती है लेकिन निर्भर करता है कि आप इसे किस तरह खाना खिलाते है?
यदि आपने निवेश नही किया है,फिर भी आप पहले से ही एक निवेशक है। जो कौशल आपने रोजमर्रा की जिंदगी में पाया है,वही कौशल आपको एक अच्छा निवेशक बनाता है।आमतौर पर होता यह है कि हममें से अधिकांश लोग,निवेश को लेखा या बहीखाता पद्धति की तरह मान बैठते है।
मानव-व्यवहार में अपनी महारत को एक ईश्वरीय देन मानने की अपेक्षा हम वार्षिक परिणामो, वित्तीय समाचारो आदि के "तथ्यों व आंकड़ो" पर अधिक विश्वास करते है। कंपनिया इंसानो द्वारा ही चलाई जाती है,इंसान ही निवेश करते है और इंसानो के द्वारा ही निवेश की सिफारिश की जाती है,जिसमे विचारो, व्यवहारों और दूसरी मानवीय क्रियाओ की कई परतो का समावेश होता है।
जब आप वार्षिक परिणामो या वित्तीय वक्तव्यों पर भरोसा करते है तो आप क्या समझते है कि कंपनियां आपको वास्तविक तस्वीर दिखाती है? और जिस "विशेषज्ञ" को आप टेलीविजन पर देख सुन रहे है,वह स्वयं नही जानता कि वह किस बारे में बात कर रहा है या उसकी व्याख्या गलत है।
लोगो मे एक बहुत बड़ी गलतफहमी यह है कि जब आप किसी कंपनी के शेयरों में निवेश करते है तो आप मैन बैठते है कि आपने जैसे कोई "व्यवसाय" खरीद लिया है और आपको एक व्यवसाय की तरह ही उन शेयरों को "पकड़े"रहना चाहिए।
जहां तक व्यापार या उसके प्रबंधन की बात है तो एक शेयर की कीमत बिल्कुल अलग-अलग कई तत्व तय करते है, जिनका व्यापार से कोई लेना-देना नही होता। एक शेयर इसलिए भी उठ सकता है क्योंकि वह सेक्टर निवेशको के बीच बहुत लोकप्रिय है या कंपनी आम जनता के साथ सूचनाओ का आदान-प्रदान बहुत अधिक करती है या बाजार किसी कंपनी के प्रबंधन को बहुत अच्छा मानते है।
शेयर की कीमत बाजार में रहने वाले लोगो की धारणाओ और विचारों से संचालित होती है, न कि तथ्यों और आंकड़ो से।
तो पहले दिन का पाठ यह है कि शेयर की कीमतें आपके अनुसंधान पर आधारित नही होगी। आप जिसे "सस्ता" मान रहे है,वह और सस्ता हो सकता है जिसे आप "महंगा" मानते है, वह अपने वर्तमान मूल्य से दोगुनी हो सकता है। इसलिए, हमेशा बाजार का अनुसरण करें। आप बाजार से यह आशा न करें कि वह आपके अनुसार चले।
दिन-2 ://
आप निवेश से चाहते क्या है?
हमारे जीवन को उम्मीदे ही प्रेरणा देती है। मुसीबत तब पैदा होती है,जब वास्तविकता हमारी उम्मीदों से मेल नही खाती। ऐसी उम्मीदे भी है जो हमारी क्षमताओ से मेल नही करती। निवेश की खामियां हमारे नुकसान का कारण बनती है। अगर आप निवेश के लिए नए है और अपने पैसे को दुगुना करने की उम्मीद करते है तब आपकी उम्मीदे निश्चित रूप से वास्तविकता से बिल्कुल पर है। ऐसा क्यों है कि आप अचानक बाजार में प्रवेश करें और उसी वक्त आपका पैसा दुगुना हो जाए, जबकि लाखो-करोड़ो लोग,जो पहले से ही (कई सालों या दशको से ) बाजार में मौजूद है और वे ऐसा नही कर पाए है।
बिल्कुल,आप भाग्यशाली हो सकते है। लेकिन "भाग्य" कभी-कभी ही आपके पास आता है। जब भाग्य हमारे साथ होता है तो हम समझते है कि यह हमारी क्षमता ही है जिसके कारण इतनी बडी "रिटर्न" संम्भव हो पाई है। यदि यह आपके निवेश के शुरुवात में ही हो गया होता तो संभावना है कि आप नुकसान उठा चुके होते। यदि "भाग्य"असली प्रतिभा और पैसा लगाने की क्षमता के सबंध में बहुत भ्रम में है तो हो सकता
है कि आप बिना यह जाने की यह शेयर कैसे काम करेगा और आपके निवेश के आकार में कैसे वृद्धि करेगा,आप शेयर खरीद ले।
अगर आप निवेश करते है तो एक वर्ष तक किसी तरह की उम्मीद न पालें। इसे अपने सीखने का समय ही माने। उतना ही निवेश करें, जिसे गंवाना आप सहन कर सकते है।और जब आप हानि उठाते ह तो उसे भूल जाइये और अगले शेयर के बारे में सोचिये। हाँ अपने नुकसान के कारणों पर अवश्य विचार करें और ध्यान रखे कि वह गलती आपसे दुबारा न हो।
जब आप निवेश या कारोबार शुरू करते है, तो यह सुनिश्चित कर ले कि आप के पास ऐसा कोई शेयर न हो, जो कभी आपके क्रय मूल्य से दस प्रतिशत के नुकसान तक जा चुका हो। आप उसे बेंच दे और आगे बढ़ जाए। आपको बेचते समय बहुत कड़े अनुशासन का पालन करना चाहिए। यदि आप ऐसा नही करते तो, दो बातें हो सकती है। आपके नुकसान और भी बढ़ जाएंगे। यह अपेक्षाकृत छोटा मामला है। बड़ी बात यह है कि आप निराश महसूस करेंगे और फिर,या तो आप बाजार से बाहर निकल जाएंगे या फिर बड़े अटपटे निर्णय लेंगे।
जल्दी-जल्दी नुकसान उठाने की आदत डालें और उन्हें क्रय मूल्य से दस प्रतिशत नीचे तक सीमित रखे। यह देखने मे आसान लगता है लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से लगता है कि आप हार मान चुके है। आप हार नही मानेंगे। आप विवेकशील बन रहे है और जब दस प्रतिशत पर अपने घाटे को सीमित कर लेने में महारत हासिल कर लेंगे, टॉप बाजार में पैसा बनाने का एक महत्वपूर्ण सबक ले चुके होंगे।
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में हार्दिक स्वागत करता हूँ जिसमें इस ब्लॉग में निवेश की सारी जानकारी देता हूँ और इसमें 30 दिन में शेयर बाजार में सफल निवेशक कैसे बना जाय इसकेबारे में काफी डिटेल में जानकारी मिलती है धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शूभ हो मंगलमय हो
30 दिन में स्टॉक मार्केट में
सफल निवेशक कैसे बने?
दिन -1://
निवेशक आनंददायक और पुरस्कार देने वाले
भी हो सकता है, यदि आप इसे सोने के अंडे देने वाली मुर्गी न समझे तो। यह सोने का अंडा दे सकती है लेकिन निर्भर करता है कि आप इसे किस तरह खाना खिलाते है?
यदि आपने निवेश नही किया है,फिर भी आप पहले से ही एक निवेशक है। जो कौशल आपने रोजमर्रा की जिंदगी में पाया है,वही कौशल आपको एक अच्छा निवेशक बनाता है।आमतौर पर होता यह है कि हममें से अधिकांश लोग,निवेश को लेखा या बहीखाता पद्धति की तरह मान बैठते है।
मानव-व्यवहार में अपनी महारत को एक ईश्वरीय देन मानने की अपेक्षा हम वार्षिक परिणामो, वित्तीय समाचारो आदि के "तथ्यों व आंकड़ो" पर अधिक विश्वास करते है। कंपनिया इंसानो द्वारा ही चलाई जाती है,इंसान ही निवेश करते है और इंसानो के द्वारा ही निवेश की सिफारिश की जाती है,जिसमे विचारो, व्यवहारों और दूसरी मानवीय क्रियाओ की कई परतो का समावेश होता है।
जब आप वार्षिक परिणामो या वित्तीय वक्तव्यों पर भरोसा करते है तो आप क्या समझते है कि कंपनियां आपको वास्तविक तस्वीर दिखाती है? और जिस "विशेषज्ञ" को आप टेलीविजन पर देख सुन रहे है,वह स्वयं नही जानता कि वह किस बारे में बात कर रहा है या उसकी व्याख्या गलत है।
लोगो मे एक बहुत बड़ी गलतफहमी यह है कि जब आप किसी कंपनी के शेयरों में निवेश करते है तो आप मैन बैठते है कि आपने जैसे कोई "व्यवसाय" खरीद लिया है और आपको एक व्यवसाय की तरह ही उन शेयरों को "पकड़े"रहना चाहिए।
जहां तक व्यापार या उसके प्रबंधन की बात है तो एक शेयर की कीमत बिल्कुल अलग-अलग कई तत्व तय करते है, जिनका व्यापार से कोई लेना-देना नही होता। एक शेयर इसलिए भी उठ सकता है क्योंकि वह सेक्टर निवेशको के बीच बहुत लोकप्रिय है या कंपनी आम जनता के साथ सूचनाओ का आदान-प्रदान बहुत अधिक करती है या बाजार किसी कंपनी के प्रबंधन को बहुत अच्छा मानते है।
शेयर की कीमत बाजार में रहने वाले लोगो की धारणाओ और विचारों से संचालित होती है, न कि तथ्यों और आंकड़ो से।
तो पहले दिन का पाठ यह है कि शेयर की कीमतें आपके अनुसंधान पर आधारित नही होगी। आप जिसे "सस्ता" मान रहे है,वह और सस्ता हो सकता है जिसे आप "महंगा" मानते है, वह अपने वर्तमान मूल्य से दोगुनी हो सकता है। इसलिए, हमेशा बाजार का अनुसरण करें। आप बाजार से यह आशा न करें कि वह आपके अनुसार चले।
दिन-2 ://
आप निवेश से चाहते क्या है?
हमारे जीवन को उम्मीदे ही प्रेरणा देती है। मुसीबत तब पैदा होती है,जब वास्तविकता हमारी उम्मीदों से मेल नही खाती। ऐसी उम्मीदे भी है जो हमारी क्षमताओ से मेल नही करती। निवेश की खामियां हमारे नुकसान का कारण बनती है। अगर आप निवेश के लिए नए है और अपने पैसे को दुगुना करने की उम्मीद करते है तब आपकी उम्मीदे निश्चित रूप से वास्तविकता से बिल्कुल पर है। ऐसा क्यों है कि आप अचानक बाजार में प्रवेश करें और उसी वक्त आपका पैसा दुगुना हो जाए, जबकि लाखो-करोड़ो लोग,जो पहले से ही (कई सालों या दशको से ) बाजार में मौजूद है और वे ऐसा नही कर पाए है।
बिल्कुल,आप भाग्यशाली हो सकते है। लेकिन "भाग्य" कभी-कभी ही आपके पास आता है। जब भाग्य हमारे साथ होता है तो हम समझते है कि यह हमारी क्षमता ही है जिसके कारण इतनी बडी "रिटर्न" संम्भव हो पाई है। यदि यह आपके निवेश के शुरुवात में ही हो गया होता तो संभावना है कि आप नुकसान उठा चुके होते। यदि "भाग्य"असली प्रतिभा और पैसा लगाने की क्षमता के सबंध में बहुत भ्रम में है तो हो सकता
है कि आप बिना यह जाने की यह शेयर कैसे काम करेगा और आपके निवेश के आकार में कैसे वृद्धि करेगा,आप शेयर खरीद ले।
अगर आप निवेश करते है तो एक वर्ष तक किसी तरह की उम्मीद न पालें। इसे अपने सीखने का समय ही माने। उतना ही निवेश करें, जिसे गंवाना आप सहन कर सकते है।और जब आप हानि उठाते ह तो उसे भूल जाइये और अगले शेयर के बारे में सोचिये। हाँ अपने नुकसान के कारणों पर अवश्य विचार करें और ध्यान रखे कि वह गलती आपसे दुबारा न हो।
जब आप निवेश या कारोबार शुरू करते है, तो यह सुनिश्चित कर ले कि आप के पास ऐसा कोई शेयर न हो, जो कभी आपके क्रय मूल्य से दस प्रतिशत के नुकसान तक जा चुका हो। आप उसे बेंच दे और आगे बढ़ जाए। आपको बेचते समय बहुत कड़े अनुशासन का पालन करना चाहिए। यदि आप ऐसा नही करते तो, दो बातें हो सकती है। आपके नुकसान और भी बढ़ जाएंगे। यह अपेक्षाकृत छोटा मामला है। बड़ी बात यह है कि आप निराश महसूस करेंगे और फिर,या तो आप बाजार से बाहर निकल जाएंगे या फिर बड़े अटपटे निर्णय लेंगे।
जल्दी-जल्दी नुकसान उठाने की आदत डालें और उन्हें क्रय मूल्य से दस प्रतिशत नीचे तक सीमित रखे। यह देखने मे आसान लगता है लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से लगता है कि आप हार मान चुके है। आप हार नही मानेंगे। आप विवेकशील बन रहे है और जब दस प्रतिशत पर अपने घाटे को सीमित कर लेने में महारत हासिल कर लेंगे, टॉप बाजार में पैसा बनाने का एक महत्वपूर्ण सबक ले चुके होंगे।
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