Investing

इंवेशटिंग ऑफ डे ट्रेडिंग की पहचान

            डे ट्रेडिंग की पहचान

  (Introducation To Day Treding )
हेलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे आप सभी दोस्तों का अपने इस इंवेशटिंग कि ब्लॉग में स्वागत करता हु और आपके इंवेश में काफी मदद करेगा
डे ट्रेडिंग और डे ट्रेडर
   ( Day Treding & Day Treder )
*....शेअर्स (सिक्योरिटीज) , फ्यूचर्स ऑप्शन और करंसी में दिन के दरम्यान कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव में से फायदा कमाने हेतु से की गई खरीदी या बिक्री को डे ट्रेडिंग कहते है। डे ट्रेडिंग यह ट्रेडिंग की अन्य शैलिओ से अलग है। इसमें फायदा होता हो या घाटा, एक ही दिन में ट्रेडिंग को पूरा करना पड़ता है। इस मे ओव्हर नाईट निवेश नही किया जाता।
*.... डे ट्रेडिंग करनेवाले व्यक्ति को डे ट्रेडर के नाम से जाना जाता है उन्हें मोमेंटम ट्रेडर कहके भी पहचाना जाता है। डे ट्रेडर बाजार की गति के साथ ट्रेडिंग करनेवाला खिलाड़ी है। वह शीघ्र ही अपना फायदा कर लेते है और उस से भी शीघ्रता से अपना नुकसान घटाते है या रोक देते है। वह जिस दिन शेअर्स की खरीदी करते है उसी दिन जल्दी से बेच भी देते है। कई बार तो वह शेअर्स की खरीदी करने के बाद दो तीन घण्टो या कुछ ही मिनटों में उनकी बिक्री करके मुनाफा कमा लेते है  इसका अर्थ यह होता है कि डे  ट्रेडर अपनी पोजिशन दूसरे दिन के लिए कैरिफारवर्ड नही करते। ट्रेडिंग सेशन के किसी भी समय मे डे ट्रेडर खरीदी या बिक्री कर सकते है परंतु उस दिन के अंत मे सभी ट्रेडिंग की पोजिशन को एक समान (बन्द) करना पड़ता है।
*..... डे ट्रेडर ऐसा खिलाड़ी है जिसके कारण बाजार में प्रवाह (वेल्युम) आता है और बाजार के डिमांड और सप्लाय में बढ़ोतरी होती है।
पोजिशन ट्रेडिंग और पोजिशनल ट्रेडर
( Position Treding & Positional Trader ):
*.... पोजिशन ट्रेडिंग डे ट्रेडिंग की तुलना में पूरी तरह से भिन्न है। पोजिशन ट्रेडिंग का मुख्य हेतु बाजार केप्रथमिक ट्रेंड के आधार से फायदा कमाने का होता है और डे ट्रेडिंग का हेतु बाजार में दिन के दरम्यान कीमत में  होनेवाले उतार-चढ़ाव में से फायदा कमाने का होता है।
*.... पोजिशन ट्रेडर एक दिन से अधिक समय के लिए अपना व्यवहार (ट्रेड) पकड़ कर रखते है। उनका निवेश कम समय के लिए होता है।
         यनेकी कुछ हफ्ते या कुछ महीनों के लिए वह खुद की पोजिशन खड़ी रख सकते है। हर दिन होने वाले कीमत के उतर-चढ़ाव से उनका कोई भी सम्बंध नही होता है।
दीर्घ समय का निवेश और दीर्घ कालीन निवेशक
( Long Term Investing & Long Term  Investor ):
*... दीर्घ समय का निवेश शेअर्स, कमोडिटी और करंसी में किया जाता है।दीर्घ समय के लिए निवेश करके उसमें से मुनाफा कमाने के हेतु से दीर्घकालीन ट्रेडिंग किया जाता है। इस प्रकार की ट्रेडिंग करने से पूर्व संस्थाओं के फंडामेंटल्स का विश्लेषण किया जाता है।इस में टेक्निकल अनालिसिस का विश्लेषण करने की  कोई जरूरत नही होती है।

*... दीर्घ समय के निवेशक उनकी पोजिशन कुछ वर्षों तक पकड़कर रख सकते है।इस तरह से लॉन्ग टर्म ट्रेडर दे ट्रेडर की तुलना में बिल्कुल भिन्न प्रकार से कार्य करते है।

यहाँ पर एक बात ध्यान में लेने लायक है कि दीर्घ समय मे ,लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर एक ट्रेडर की तुलना में अधिक मुनाफा कमाते है।
डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

( Advantages & Disadvantages of Day Treding ):

बाजार में अफरातफरी का माहौल होता है तब पोजिशन ट्रेडिंग या इंवेसमेन्ट की तुलना में डे ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। डे ट्रेडिंग के  फायदे और नुकसान नीचे दिए है।
डे ट्रेडिंग के फायदे

(Advanteges of Day Treding ):

(१).. लीवरेज में बढ़ोतरी होती है ( Increased Leverage ):

डे ट्रेडिंग मेखडी कीगई पोजिशन उसी दिन बन्द करनी पड़ती है। इस कारण  उसमे मार्जिन की जरूरत कम होती है। इसलिए डे ट्रेडर को उनके ट्रेडिंग कैपिटल पर अधिक लीवरेज का फायदा मिलता है। अगर आपने होशियारी से इस बड़े हुए लीवरेज का उपयोग किया जाए तो आपका फायदा भी बढ़ सकता है।

   इस अधिक लीवरेज के कारण आप अपने खाते में कम रकम जमा रखकर अधिक रुपयों की ट्रेडिंग कर सकते है। उदा, ट्रेडर उनके खाते में रु 20,000 का मार्जिन रखकर रु,1,00,000 से रु,1,25,000 तक  का ट्रेडिंग कर सकते है।
नोट:/

क्लायंट के ट्रेडिंग व्हलयुम के अनुसार ब्रोकर मार्जिन मनी के 5 से 7 गुना मूल्य की ट्रेडिंग करने की छूट क्लायंट को देते है।
(२).... ओवर नाईट जोखिम का अभाव

( No Overnight Risk )

डे ट्रेडर को खड़ी की हुई पोजिशन उसी दिन बन्द करनी पड़ती है। आपानी पोजिशन बन्द होने के कारण रात में घटी घटनाओं का दूसरे दिन के ओपनिंग प्राइज पर क्या परिणाम होगा और कल मार्केट की शुरुआत कैसे होगी इन चिंताओं में उन्हें रात नही बितानी पड़ती है।

(३).... फ़ोर्स इक्झिट का फायदा

( Advantages of Forced Exit):

कई बार न होते हुए भी डे ट्रेडर को दिन के अंत से पहले अपनी पोजिशन में से बाहर निकलना पड़ता है परंतु यही उसके लिए कभी-कभी  फायदे मंद साबित होता है। कई बार किसी पोजिशन में से हमे थोड़ा घाटा होता है और हमे आसा होती है कि शायद दूसरे दिन में उसमे सुधारकर उसमे घाटे को मुनाफा में रूपांतर होगा परन्तु ऐसे समय थोड़ा घाटा सहकर बाहर निकलना ही सही साबित होता है। क्योंकि कभी-कभी विपरीत परिस्थितियो में दूसरे दिन भी उस पोजिशन में सुधार न होकर वह और भी नीचे जा सकते है और हमारा इतना नुकसान होता है कि वह हमारी सहनशीलता की मर्यादा के  बाहर होता है। इसीलिए उसी दिन पोजिशन को बंद करने से डे ट्रेडर उस घाटे से बच सकता है। अगर ट्रेडर ने उसकी पोजिशन ओव्हर नाईट खड़ी रखी तो उसे दूसरे दिन ब्रोकर के पास मार्जिन की रकम जमा करने के लिए तुरन्त बड़ी रकम का इंतजाम करना पड़ता है।

(४).... नफा या नुकसान की तुरन्त मिलनेवाली प्रतिक्रिया

( Immediate Feedback)

‌डे ट्रेडर को उनके ट्रेडिंग पर फायदा हो रहा है या नुकसान, इसकी जानकारी 2,3, घँटों में ही मिल जाती है। जिस दिन ट्रेडिंग किया जाता है उस दिन  ट्रेडिंग सेशन में डे ट्रेडर को उस ट्रेडिंग से होनेवाले नफे या नुकसान का निश्चित अंदाजा मिलता है। पोजिशन ट्रेडर्स को इस बात का अंदाजा कुछ हफ़्तों या महीनों के बाद मिलता है।
‌(५).... बाजार की तेजी मंदी में भी मुनाफा लिया जा सकता है
‌( Profit in any Market Direction):
‌मार्केट का ट्रेंड तेजी का हो या मंदी का,डे ट्रेडर को दोनों स्थिति में ट्रेडिंग करके फायदा कमाने का मौका मिलता है। डिलीवरी के आधार पर ट्रेडिंग करनेवाले निवेशक पहले शेअर्स की खरीदी करते है और डिलीवरी लेते है। बाद में शेअर्स का भाव बढ़ने के बाद वह बेचकर मुनाफा कमाते है।
‌इसलिए बाजार में जब मंदी होती है तब वह कुछ भी नही कर सकते जिस कारण उन्हें मुनाफा भी नही होता है।
‌ऐसी मंदी के माहौल में डे ट्रेडर स्क्रिप्ट की पहले बिक्री करके और स्क्रिप्ट का भाव और भी नीचे गिरने के बाद खरीद करके मुनाफा कमाते है। इसे शार्ट सेलिंग कहा जाता है।
‌(६).... कम व्यवहार खर्च
‌( Low Transaction Cost):
‌डिलीवरी पर आधारित व्यवहार की तुलना में डे ट्रेडिंग में कम खर्च होता है। दूसरे शब्दों में बताना हो तो डे ट्रेडिंग के व्यवहार  में दलाली कम देनी पड़ती है।
‌साधारण रूप से डिलीवरी के व्यवहार में दलाली रेट 0.25% से 0.50% हो सकता है। शेअर्स कि खरीदी और बिक्री करते समय दलाली देनी पड़ती है। परंतु डे ट्रेडिंग में दलाली का रेट 0.08% से 0.15% होता है और दलाली सिर्फ खरीदी या बिक्री इन मे से किसी एक पर ही देनी पड़ती है।

‌डे ट्रेडिंग के नुकसान
‌( Disadvantages of Day Trading ):
‌डे ट्रेडिंग बहुत ही जोखिम भरा ट्रेडिंग है। दीर्घ समय के लिए बाजार की चाल के साथ उपयुक्त ट्रेडिंग करना हर किसी के लिए सम्भव नही होता है।

‌मैं डे ट्रेडिंग में से कितना कम सकता हुँ
‌( How Much Money Can I Make):
‌मैं ट्रेडिंग में से कितना मुनाफा कमा सकता हु? यह एक बार-बार पूछा जाने वाला सवाल है। हमारे संपर्क में आए हुए 10 में से 7 से 8 लोग यह  सवाल पूछते है। इस सवाल का जवाब एकदम सरल है।
‌डे ट्रेडिंग में से आप कितनी कमाई कर सकते है यह मूख्य रूप से 2 बातो पर निर्भर है।
‌(१)*.... आपके निवेश का प्रमाण
‌( The Amount you Invest ):
‌आप जितना अधिक निवेश करेंगे उतनी अधिक कमाई आप कर सकते है।
‌(२)*... आप कितनी आक्रामकता से निवेश करते है
‌( How Aggressively you Invest ):
‌ आप जितना ज्यादा जोखिम उठा सकते है उतना ज्यादा फायदा होने की संभावना होती है
‌आपके निश्चित मुनाफे का आधार नीचे दी हुई बातो पर निर्भर करता है।
‌(१*)... हर ट्रेडिंग का कुल मुनाफा
‌( Net gain per trade)
‌(२*)... ट्रेडिंग की कुल संख्या
‌( Number of trades )
‌(३*).... ट्रेडिंग के लिए दी जाने वाली दलाली
‌( Commission Broerage Cost)

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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