Success investor tips
30 days for investing investor rulls
8th=days://
कौन से तत्व बाजार को चलाते है?
सभी प्रकार के निजी विचारो और रायो वाले लाखों निवेशक, एक ही शेयर में इकठ्टे होकर बाजार को चलाते है। बाजार को चलाने वाले सभी तत्वों की जानकारी होना, किसी आदमी के लिए सम्भव नही है। यही कारण है कि आपने जिन शेयरों को,उनके "मूल्य--निवेश"के सिद्धांतों और अन्य बुनियादी बातों के आधार पर खरीद है,कई बार वे अच्छा प्रदर्शन नही कर पाते।
अच्छी "रिटर्न" देने वाले शेयरों को परखने के बहुत ही सरल तरीका है--एक शेयर की कीमत व मात्रा का चार्ट। चार्ट से ही शेयरों की कीमत की दिशा और उस पैसे का पता चलता है,जिसके समर्थन से शेयर में वृद्धि होती है।चार्ट,शेयर को चलाने के लिए जिम्मेदार सभी तत्वों को दिखाता है।आपको यह जानने की आवश्यकता नही की कौन से तत्वों, कारको और बुनियादी बातों से शेयर बढ़ रहे है। आपको तो केवल यह पता लगाना है कि ये तत्व,कारक और बुनियादी बाटे शेयर को कहां ले जा रहे है।
अगर आप कोई निवेश कर रहे है तो चार्ट पर एक निगाह अवश्य डाल लें। यदि चार्ट नीचे की ओर जा रहा है और मात्रा गिर रही है तो इसका कोई न कोई कारण अवश्य होगा। कारण कुछ भी हो यह आपको अपने विश्लेषण में नही दिखाई दिया। अधिसख्य निवेशको के विवेक के खिलाप जाने की बजाय,आप शेयर से दूर ही बने रहे। लेकिन यदि आपका चार्ट,आपके सोच की पुष्टि करता है जो आपकी सोची हुई दिशा की और बढ़ रहा है तो इसे खरीद ले।
बाजार के अधिकांश सिद्धांत "तर्कसंगत निवेशको" की मान्यताओं पर आधारित होते है। यदि बाजार तर्कसंगत ढंग से कार्य करते है तो गणितीय ढंग से किसी शेयर को "अल्प--मूल्यांकन" या "अधि--मूल्यांकन" की गणना कर सकते है और इस आधार पर उसे खरीद या बेंच सकते है। और अब,जबकि हर कोई अधि--मूल्यांकन की सीमा को जनता है, तो हम सभी इस "तर्कसंगत" कीमत पर ही शेयर खरीदते या बेचते है। ऐसी स्थिति सारे व्यापार को समाप्त कर देगी और हमे ऐसी कीमत प्रदान करेगी, जो किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति में किसी बड़े परिवर्तन के कारण ही गतिमान होगी।
जैसा कि हम जानते है बाजार ऐसे कार्य नही करता। कोई कारोबार तभी होता है,जब बाजार में कोई बेचने वाला है और उसे कोई अपनी धरना पर खरीदने वाला हो जिसका यह विश्वास है कि शेयर में पर्याप्त सामर्थ्य है या फिर वह शेयर ऊपर उठेगा या उसके हाथ मे "नकदी" उपलब्ध है यदि कुछ और निवेशक यह मानते है कि शेयर ऊपर चढ़ेगा और वे शेयर खरीदते है तो शेयर की कीमतों में वृद्धि होगी क्योंकि शेयर की आपूर्ति की अपेक्षा मांग अधिक होगी। यदि कारण है कि तेज बाजार में शेयरों की कीमतों में अपेक्षाकृत जबरदस्त तेजी आ जाती है। जैसे अधिक से अधिक संख्या में लोगो को विश्वास हो जाती है कि शेयर बढ़ेंगे, तो शेयर की कीमतों में वृद्धि होने लगती हैं। यह बात सच भी है।
हम कीमत या बुनियादी बातो को या इसे कुछ भी नाम दे चुन सकते है। लेकिन यदि हम खरीद के उचित समय का चुनाव नही करते तो हमे "रिटर्न" पाने में कई साल लग सकते है। "सहमति"या "अधिसंख्यको के हिट"एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है और यदि अधिसंख्यको के हिट के लिए बुनियादी बातें या कीमत या दोनों के आधार पर शेयर को बहुत सही समय पर चुना गया है तो हमारी कई गुना "रिटर्न" निश्चित हो सकती है।
तर्क शायद ही कभी कीमतों को संचालित करता हो। "सहमति" करती है। और "सहमति" शायद ही कभी तर्क पर आधारित होती हो। यह आर्थिक विकास और आत्मविश्वास इत्यादि की धारणा से प्रेरित होती है। बिल्कुल बाजार वही कुछ प्रतिबिंबित करते है जो कुछ अर्थव्यवस्था में हो रहा होता है। लेकिन वे लगभग हमेशा कम प्रतिक्रिया या अधिक प्रतिक्रिया दिखाते है।
यदि आप अपने चुने हुए शेयर की पुष्टि "चार्ट" से कर लेते है, जिसमे पिछले एक महीने,तिमाही या एक वर्ष की कीमत और मात्रा दिखाई गई है तो आपके निवेश के प्रदर्शन में नाटकीय सुधार देखने को मिलेगा। यदि चार्ट यह दिखाता है कि शेयर में कोई गतिविधि नही है और मात्रा बहुत कम है तो सम्भावना है कि शेयर के सबंध में आपके सभी निष्कर्ष गलत है यदि शेयर की कीमत और मात्रा में कुछ हफ़्तों और महीनों में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है तो सम्भावना है कि आपने सही शेयर का चुनाव किया है और अन्य निवेशक भी आप से सहमत है तथा शेयर की खरीद में वे आपके साथ है।
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कौन से तत्व बाजार को चलाते है?
सभी प्रकार के निजी विचारो और रायो वाले लाखों निवेशक, एक ही शेयर में इकठ्टे होकर बाजार को चलाते है। बाजार को चलाने वाले सभी तत्वों की जानकारी होना, किसी आदमी के लिए सम्भव नही है। यही कारण है कि आपने जिन शेयरों को,उनके "मूल्य--निवेश"के सिद्धांतों और अन्य बुनियादी बातों के आधार पर खरीद है,कई बार वे अच्छा प्रदर्शन नही कर पाते।
अच्छी "रिटर्न" देने वाले शेयरों को परखने के बहुत ही सरल तरीका है--एक शेयर की कीमत व मात्रा का चार्ट। चार्ट से ही शेयरों की कीमत की दिशा और उस पैसे का पता चलता है,जिसके समर्थन से शेयर में वृद्धि होती है।चार्ट,शेयर को चलाने के लिए जिम्मेदार सभी तत्वों को दिखाता है।आपको यह जानने की आवश्यकता नही की कौन से तत्वों, कारको और बुनियादी बातों से शेयर बढ़ रहे है। आपको तो केवल यह पता लगाना है कि ये तत्व,कारक और बुनियादी बाटे शेयर को कहां ले जा रहे है।
अगर आप कोई निवेश कर रहे है तो चार्ट पर एक निगाह अवश्य डाल लें। यदि चार्ट नीचे की ओर जा रहा है और मात्रा गिर रही है तो इसका कोई न कोई कारण अवश्य होगा। कारण कुछ भी हो यह आपको अपने विश्लेषण में नही दिखाई दिया। अधिसख्य निवेशको के विवेक के खिलाप जाने की बजाय,आप शेयर से दूर ही बने रहे। लेकिन यदि आपका चार्ट,आपके सोच की पुष्टि करता है जो आपकी सोची हुई दिशा की और बढ़ रहा है तो इसे खरीद ले।
बाजार के अधिकांश सिद्धांत "तर्कसंगत निवेशको" की मान्यताओं पर आधारित होते है। यदि बाजार तर्कसंगत ढंग से कार्य करते है तो गणितीय ढंग से किसी शेयर को "अल्प--मूल्यांकन" या "अधि--मूल्यांकन" की गणना कर सकते है और इस आधार पर उसे खरीद या बेंच सकते है। और अब,जबकि हर कोई अधि--मूल्यांकन की सीमा को जनता है, तो हम सभी इस "तर्कसंगत" कीमत पर ही शेयर खरीदते या बेचते है। ऐसी स्थिति सारे व्यापार को समाप्त कर देगी और हमे ऐसी कीमत प्रदान करेगी, जो किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति में किसी बड़े परिवर्तन के कारण ही गतिमान होगी।
जैसा कि हम जानते है बाजार ऐसे कार्य नही करता। कोई कारोबार तभी होता है,जब बाजार में कोई बेचने वाला है और उसे कोई अपनी धरना पर खरीदने वाला हो जिसका यह विश्वास है कि शेयर में पर्याप्त सामर्थ्य है या फिर वह शेयर ऊपर उठेगा या उसके हाथ मे "नकदी" उपलब्ध है यदि कुछ और निवेशक यह मानते है कि शेयर ऊपर चढ़ेगा और वे शेयर खरीदते है तो शेयर की कीमतों में वृद्धि होगी क्योंकि शेयर की आपूर्ति की अपेक्षा मांग अधिक होगी। यदि कारण है कि तेज बाजार में शेयरों की कीमतों में अपेक्षाकृत जबरदस्त तेजी आ जाती है। जैसे अधिक से अधिक संख्या में लोगो को विश्वास हो जाती है कि शेयर बढ़ेंगे, तो शेयर की कीमतों में वृद्धि होने लगती हैं। यह बात सच भी है।
हम कीमत या बुनियादी बातो को या इसे कुछ भी नाम दे चुन सकते है। लेकिन यदि हम खरीद के उचित समय का चुनाव नही करते तो हमे "रिटर्न" पाने में कई साल लग सकते है। "सहमति"या "अधिसंख्यको के हिट"एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है और यदि अधिसंख्यको के हिट के लिए बुनियादी बातें या कीमत या दोनों के आधार पर शेयर को बहुत सही समय पर चुना गया है तो हमारी कई गुना "रिटर्न" निश्चित हो सकती है।
तर्क शायद ही कभी कीमतों को संचालित करता हो। "सहमति" करती है। और "सहमति" शायद ही कभी तर्क पर आधारित होती हो। यह आर्थिक विकास और आत्मविश्वास इत्यादि की धारणा से प्रेरित होती है। बिल्कुल बाजार वही कुछ प्रतिबिंबित करते है जो कुछ अर्थव्यवस्था में हो रहा होता है। लेकिन वे लगभग हमेशा कम प्रतिक्रिया या अधिक प्रतिक्रिया दिखाते है।
यदि आप अपने चुने हुए शेयर की पुष्टि "चार्ट" से कर लेते है, जिसमे पिछले एक महीने,तिमाही या एक वर्ष की कीमत और मात्रा दिखाई गई है तो आपके निवेश के प्रदर्शन में नाटकीय सुधार देखने को मिलेगा। यदि चार्ट यह दिखाता है कि शेयर में कोई गतिविधि नही है और मात्रा बहुत कम है तो सम्भावना है कि शेयर के सबंध में आपके सभी निष्कर्ष गलत है यदि शेयर की कीमत और मात्रा में कुछ हफ़्तों और महीनों में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है तो सम्भावना है कि आपने सही शेयर का चुनाव किया है और अन्य निवेशक भी आप से सहमत है तथा शेयर की खरीद में वे आपके साथ है।
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