30 days investor success tips
30 days for bigginer golden rulls
7th=days://
उम्मीदें
शेयर कैसी रिटर्न देंगे?यह उन तत्वों पर निर्भर है जो आपके नियंत्रण में है और जो बाजार के द्वारा नियंत्रित होते है।
वे कारक जो आपके नियंत्रण में है, वे है--सही लक्ष्यों को निर्धारित करना अक्सर नुकसान उठाते रहना:हर शेयर पर नुकसान उठाने की अधिकतम सीमा तय करना और लाभ देने वाले शेयर को "होल्ड"करना। अपने लक्ष्य बाजार की दिशा के आधार पर निर्धारित कर। एक शेयर जो बहुत मजबूती से ऊपर उठ रहा है, कुछ हफ़्तों या महीनों में वर्तमान मूल्य से दुगुनी या तिगुनी हो सकती है। एक शेयर, जो बढ़ नही रह,वह कई सालों तक भी बढ़ नही सकता। विचारधारा पर आधारित लक्ष्यों से बचे। जैसे "मैं दीर्घकाल के लिए शेयर खरीदूंगा" "मैं पांच वर्ष में 100 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद करता हूँ" ,"मैं कम से कम टीन वर्ष के लिए शेयर होल्ड करूँगा"। ये सभी विचारधारा से संचालित लक्ष्य है और आप इससे पैसा नही बना सकेंगे। ऐसे लक्ष्य निर्धारित करें जैसे--"मैं वह शेयर बेच दूंगा, जिसमे क्रय-मूल्य से 10 प्रतिशत की गिरावट आ गई हों", " मैं वह शेयर नही बेचूंगा जो मुझे मुनाफा दे रहा है बशर्ते कि वह अगले तीन महीने तक आगे न बढ़े.।" सही लक्ष्यों को निर्धारित करने,अक्सर नुकसान लेने,अपने नुकसान के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और लाभ देने वाले शेयरों को न बेचने आदि के संयोजन से निवेश प्रदर्शन में कॉफी सुधार किया जा सकता है।
कुछ कारक ऐसे भी है जो आपके नियंत्रण से बाहर है। उन्हें बाजार नियंत्रित करता है बाजार के मिजाज और दिशा के आधार पर सही निर्णय लेकर आप इन कारको से बखूबी निपट सकते है।
अपनी उम्मीदे के लिए बाजार की दिशा को आधार बनाएं। यदि पूरा बाजार दौड़ रहा है,सम्भावना है कि आप कुछ दिनों या महीनों में 30-50 प्रतिशत का मुनाफा कमा लेंगे। यदि कोई सेक्टर ऊपर उठ रहा है, तो उम्मीद है कि उस सेक्टर में आपको शेयर में भी कुछ दिनों या महीनों में 30-50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यदि एक शेयर दौड़ रहा है तो सम्भावना है कि आप कम समयावधि में ही बहुत ज्यादा लाभ पा जाएंगे।
शेयर छोटी-छोटी तेजियो और उछालो में आगे बढ़ते है। शेष समय वे पानी पर गेंद की तरह हिलते-डुलते रहते है। शेयरो की कीमते किसी ज्वालामुखी की तरह होती है। अधिकांश समय वे निष्क्रिय बनी रहती है। लेकिन जब वे सक्रिय होती है,वे कम समय मे ही अप्रत्याशित लाभ दे देती है।
मंद बाजार (बीयर मार्केट ) में, खरीदने की होड़ में न लगे। जो शेयर अभी सुस्त दिखाई दे रहे है वे और भी नीचे जा सकते है,यदि बाजार का मिजाज निराशावादी है तो। कभी-कभी यह निराशावादी कई वर्षों तक जारी रह सकता है।
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उम्मीदें
शेयर कैसी रिटर्न देंगे?यह उन तत्वों पर निर्भर है जो आपके नियंत्रण में है और जो बाजार के द्वारा नियंत्रित होते है।
वे कारक जो आपके नियंत्रण में है, वे है--सही लक्ष्यों को निर्धारित करना अक्सर नुकसान उठाते रहना:हर शेयर पर नुकसान उठाने की अधिकतम सीमा तय करना और लाभ देने वाले शेयर को "होल्ड"करना। अपने लक्ष्य बाजार की दिशा के आधार पर निर्धारित कर। एक शेयर जो बहुत मजबूती से ऊपर उठ रहा है, कुछ हफ़्तों या महीनों में वर्तमान मूल्य से दुगुनी या तिगुनी हो सकती है। एक शेयर, जो बढ़ नही रह,वह कई सालों तक भी बढ़ नही सकता। विचारधारा पर आधारित लक्ष्यों से बचे। जैसे "मैं दीर्घकाल के लिए शेयर खरीदूंगा" "मैं पांच वर्ष में 100 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद करता हूँ" ,"मैं कम से कम टीन वर्ष के लिए शेयर होल्ड करूँगा"। ये सभी विचारधारा से संचालित लक्ष्य है और आप इससे पैसा नही बना सकेंगे। ऐसे लक्ष्य निर्धारित करें जैसे--"मैं वह शेयर बेच दूंगा, जिसमे क्रय-मूल्य से 10 प्रतिशत की गिरावट आ गई हों", " मैं वह शेयर नही बेचूंगा जो मुझे मुनाफा दे रहा है बशर्ते कि वह अगले तीन महीने तक आगे न बढ़े.।" सही लक्ष्यों को निर्धारित करने,अक्सर नुकसान लेने,अपने नुकसान के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और लाभ देने वाले शेयरों को न बेचने आदि के संयोजन से निवेश प्रदर्शन में कॉफी सुधार किया जा सकता है।
कुछ कारक ऐसे भी है जो आपके नियंत्रण से बाहर है। उन्हें बाजार नियंत्रित करता है बाजार के मिजाज और दिशा के आधार पर सही निर्णय लेकर आप इन कारको से बखूबी निपट सकते है।
अपनी उम्मीदे के लिए बाजार की दिशा को आधार बनाएं। यदि पूरा बाजार दौड़ रहा है,सम्भावना है कि आप कुछ दिनों या महीनों में 30-50 प्रतिशत का मुनाफा कमा लेंगे। यदि कोई सेक्टर ऊपर उठ रहा है, तो उम्मीद है कि उस सेक्टर में आपको शेयर में भी कुछ दिनों या महीनों में 30-50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यदि एक शेयर दौड़ रहा है तो सम्भावना है कि आप कम समयावधि में ही बहुत ज्यादा लाभ पा जाएंगे।
शेयर छोटी-छोटी तेजियो और उछालो में आगे बढ़ते है। शेष समय वे पानी पर गेंद की तरह हिलते-डुलते रहते है। शेयरो की कीमते किसी ज्वालामुखी की तरह होती है। अधिकांश समय वे निष्क्रिय बनी रहती है। लेकिन जब वे सक्रिय होती है,वे कम समय मे ही अप्रत्याशित लाभ दे देती है।
मंद बाजार (बीयर मार्केट ) में, खरीदने की होड़ में न लगे। जो शेयर अभी सुस्त दिखाई दे रहे है वे और भी नीचे जा सकते है,यदि बाजार का मिजाज निराशावादी है तो। कभी-कभी यह निराशावादी कई वर्षों तक जारी रह सकता है।
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