Bigginer golden sceme
30 days for succsess investor market tips
15th=day;//
प्रबंधक की गुणवत्ता
ऐसे प्रमोटर या प्रबंधक जो अल्पसंख्यक शेयर-धारको के साथ कंपनी का लाभ या डिविडेंड या अन्य बातें सांझा नही करते तू वे निवेश योग्य नही है फिर चाहे उस कंपनी के शेयर कितने ही सस्ते क्यो न हो। यदि आपको प्रमोटरों या प्रबंधनों के संबन्ध में कोई संदेह है तो आप उसमे निवेश न करे। तब भी, जब आप समझते है कि प्रबंधन बहुत मजबूत है,आप कंपनी के अल्पसंख्यको के साथ बातों को सांझा करने का उनका इतिहास अवश्य देखे। क्या वे लाभांश देते है? क्या वे नियमित रूप से बोनस देते है? क्या वे जिसकी योजना बना रहे है,उस व्यापार में आपको शेयर देते है? कोई प्रबंधन यदि ऐसा नही करता तो कौन देखता है कि प्रबंधन कितना मजबूत है ?
एक प्रगति करती हुई अर्थव्यवस्था में मूल्य-निवेश के लिए दो बाटे महत्वपूर्ण होती है:
(१). प्रबंधन की गुणवत्ता
(२). प्रबन्ध का शेयरधारकों के प्रति इरादा
सोच कर देखे की अपने कितनी बार शेयर में "कीमत" देखकर खरीदारी की है और उपरोक्त दोनों बातो में से किसी एक बात पर या दोनों ही बातों पर ध्यान नही दिया है?
प्रबन्धन की गुणवत्ता से मेरा अभिप्राय प्रबंधन द्वारा दूसरे उपयोगों से बेहतर प्रदर्शन करने की योग्यता से है जो इससे आगे कुछ नया करने और भविष्य में इस प्रगति को जारी रखने की पहल करता है। कई कंपनियां ऐसी करती है लेकिन अल्पसंख्यक शेयरधारकों के साथ लाभ सांझा करने का इरादा नही रखती।
शेयरधारकों के प्रति इरादे की कमी के उदाहरण में शामिल है-व्यापार या अचल संपत्ति के कुछ भाग को बेचकर अनपेक्षित लाभ कमाने, बजाय इसके की उस अनपेक्षित लाभ का हिस्सा मौजूद शेयरधारकों को दिया जाए या किसी सहायक कंपनी को बेचना या किसी व्यापार को बेचकर उसके अधिकांश हिस्से को लाभांश के रूप में न बाटना। हमे प्रबंधन के उस व्यवहार पर निगाह रखनी होगी, जिसमे शेयरों को पूंजी बढ़ाने के साधन के रूप में प्रयोग किया जाता है,बजाय शेयरधारकों को बढ़ाने के । अधिकांश निवेशक ऐसे बिजली संयंत्रों,बुनियादी ढांचे और ऐसी ही चीजो की कंपनियों के शेयर लेकर बैठे है जिन्होंने वास्तव में कभी भी अच्छा प्रदर्शन नही किया औऱ अपने वायदे को भी पूरा नही कर पाई
आपके शेयरों की समयावधि, प्रमोटरों की किस्म पर आधारित होनी चाहिए। कुछ प्रमोटर सांझा करना पसंद करते है,और कुछ नही। कुछ कंपनिया गढ़ने में विश्वास करते है औऱ कुछ तथ्यों को सामने रखते है। जो भी हो जब प्रमोटर अल्पवधि की सोचते हो तो आपका शेयर की दीर्घवधि के लिए रखना ऐसा ही है जैसे टॉय-ट्रेन की पटरियों पर तीव्रगामी ट्रेन दौड़ा दी जाय।
मैन लीजिए, आपने किसी कंपनी के शेयर उस कंपनी के पास मौजूद महत्वपूर्ण अचल सम्पत्तियों के आधार पर खरीदे कंपनी इन अचल सम्पत्तियों का क्या उपयोग करती है इसका प्रभाव आपके शेयर निवेश की अवधि पर पड़ेगा। यदि कंपनी मौजूद शेयरधारकों को अपनी अचल संपत्ति का व्यापार करने वाली कंपनी के अनपेक्षित लाभ का एक हिस्सा देती है तो यह वास्तव में लम्बी अवधि का शेयर है यदि वे कंपनी के रूप में इसे अन्य निवेशको को बेंच देते है तो कंपनी न केवल शेयर की कीमत को कम कर देती है बल्कि अपनी निवेश करने की विश्वसनीयता भी खो बैठती है।
अगर आप कंपनी के कारोबार को पसंद करते है, तो आप देखे की वह बेहद अच्छी चल रही हो। यदि कंपनी प्रबन्धन अपने लाभार्जन को खुदरा निवेशको के साथ सांझा नही करता तो आप तुरंत उसमे निवेश करना बंद कर दे।
वे प्रबन्ध या ऑपरेटर, जिनके पास कई कंपनियां है ( सूचीबध्द या गैर-सूचीबद्ध ) जो नए व्यापार आई, पी,ओ, लाती है, जो कई कारोबारों में निवेश करती है, जो अपनी अचल सम्पत्तियां बेचती है और शेयरधारकों को लाभांश के रूप में नही देती, आपके निवेश पर "रिटर्न" देने की उनकी क्षमता या इरादे पर विश्वास नही किया जाना चाहिए।
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प्रबंधक की गुणवत्ता
ऐसे प्रमोटर या प्रबंधक जो अल्पसंख्यक शेयर-धारको के साथ कंपनी का लाभ या डिविडेंड या अन्य बातें सांझा नही करते तू वे निवेश योग्य नही है फिर चाहे उस कंपनी के शेयर कितने ही सस्ते क्यो न हो। यदि आपको प्रमोटरों या प्रबंधनों के संबन्ध में कोई संदेह है तो आप उसमे निवेश न करे। तब भी, जब आप समझते है कि प्रबंधन बहुत मजबूत है,आप कंपनी के अल्पसंख्यको के साथ बातों को सांझा करने का उनका इतिहास अवश्य देखे। क्या वे लाभांश देते है? क्या वे नियमित रूप से बोनस देते है? क्या वे जिसकी योजना बना रहे है,उस व्यापार में आपको शेयर देते है? कोई प्रबंधन यदि ऐसा नही करता तो कौन देखता है कि प्रबंधन कितना मजबूत है ?
एक प्रगति करती हुई अर्थव्यवस्था में मूल्य-निवेश के लिए दो बाटे महत्वपूर्ण होती है:
(१). प्रबंधन की गुणवत्ता
(२). प्रबन्ध का शेयरधारकों के प्रति इरादा
सोच कर देखे की अपने कितनी बार शेयर में "कीमत" देखकर खरीदारी की है और उपरोक्त दोनों बातो में से किसी एक बात पर या दोनों ही बातों पर ध्यान नही दिया है?
प्रबन्धन की गुणवत्ता से मेरा अभिप्राय प्रबंधन द्वारा दूसरे उपयोगों से बेहतर प्रदर्शन करने की योग्यता से है जो इससे आगे कुछ नया करने और भविष्य में इस प्रगति को जारी रखने की पहल करता है। कई कंपनियां ऐसी करती है लेकिन अल्पसंख्यक शेयरधारकों के साथ लाभ सांझा करने का इरादा नही रखती।
शेयरधारकों के प्रति इरादे की कमी के उदाहरण में शामिल है-व्यापार या अचल संपत्ति के कुछ भाग को बेचकर अनपेक्षित लाभ कमाने, बजाय इसके की उस अनपेक्षित लाभ का हिस्सा मौजूद शेयरधारकों को दिया जाए या किसी सहायक कंपनी को बेचना या किसी व्यापार को बेचकर उसके अधिकांश हिस्से को लाभांश के रूप में न बाटना। हमे प्रबंधन के उस व्यवहार पर निगाह रखनी होगी, जिसमे शेयरों को पूंजी बढ़ाने के साधन के रूप में प्रयोग किया जाता है,बजाय शेयरधारकों को बढ़ाने के । अधिकांश निवेशक ऐसे बिजली संयंत्रों,बुनियादी ढांचे और ऐसी ही चीजो की कंपनियों के शेयर लेकर बैठे है जिन्होंने वास्तव में कभी भी अच्छा प्रदर्शन नही किया औऱ अपने वायदे को भी पूरा नही कर पाई
आपके शेयरों की समयावधि, प्रमोटरों की किस्म पर आधारित होनी चाहिए। कुछ प्रमोटर सांझा करना पसंद करते है,और कुछ नही। कुछ कंपनिया गढ़ने में विश्वास करते है औऱ कुछ तथ्यों को सामने रखते है। जो भी हो जब प्रमोटर अल्पवधि की सोचते हो तो आपका शेयर की दीर्घवधि के लिए रखना ऐसा ही है जैसे टॉय-ट्रेन की पटरियों पर तीव्रगामी ट्रेन दौड़ा दी जाय।
मैन लीजिए, आपने किसी कंपनी के शेयर उस कंपनी के पास मौजूद महत्वपूर्ण अचल सम्पत्तियों के आधार पर खरीदे कंपनी इन अचल सम्पत्तियों का क्या उपयोग करती है इसका प्रभाव आपके शेयर निवेश की अवधि पर पड़ेगा। यदि कंपनी मौजूद शेयरधारकों को अपनी अचल संपत्ति का व्यापार करने वाली कंपनी के अनपेक्षित लाभ का एक हिस्सा देती है तो यह वास्तव में लम्बी अवधि का शेयर है यदि वे कंपनी के रूप में इसे अन्य निवेशको को बेंच देते है तो कंपनी न केवल शेयर की कीमत को कम कर देती है बल्कि अपनी निवेश करने की विश्वसनीयता भी खो बैठती है।
अगर आप कंपनी के कारोबार को पसंद करते है, तो आप देखे की वह बेहद अच्छी चल रही हो। यदि कंपनी प्रबन्धन अपने लाभार्जन को खुदरा निवेशको के साथ सांझा नही करता तो आप तुरंत उसमे निवेश करना बंद कर दे।
वे प्रबन्ध या ऑपरेटर, जिनके पास कई कंपनियां है ( सूचीबध्द या गैर-सूचीबद्ध ) जो नए व्यापार आई, पी,ओ, लाती है, जो कई कारोबारों में निवेश करती है, जो अपनी अचल सम्पत्तियां बेचती है और शेयरधारकों को लाभांश के रूप में नही देती, आपके निवेश पर "रिटर्न" देने की उनकी क्षमता या इरादे पर विश्वास नही किया जाना चाहिए।
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