Share market bigginer tips
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वित्तीय परिणामो और घोषणाओं से निपटना
बहुत से लोग "बुनियादी"निवेशक होते है जो वित्तीय विवरणों को अनुचित ही महत्व देते है। वे कोई भी अर्थपूर्ण मार्गदर्शन नही करते जिससे आप निवेश कर सके। यदि वे ऐसा करते है तो सम्भावना रहती है कि उन्हें हजारो संस्थागत निवेशको और व्यक्तिगत निवेशको ने पहले ही पढ़ लिया होगा और उसका असर शेयरों की कीमत पर हो चुका होगा।
जब आप वित्तीय परिणामो या उनकी प्रासंगिकता पर निगाह डालते है तो दो बातों का ध्यान रखे:क्या प्रबंधन पर विश्वास किया जा सकता है? वित्तीय परिणामो की व्याख्या ही पर्याप्त होती तो चार्टर्ड एकाउंट सबसे अच्छे निवेशक होते (कुछ है भी लेकिन इसका कोई प्रमाण नही मिलता की वे दूसरे निवेशको से बेहतर निवेशक है )
यदि कोई प्रबंधन सीधे-सीधे किसी संख्या या आंकड़े को नही बताना चाहता, तो वह नही बतायेगा। इसके कई कारण है। सदा छल उनमे से एक है किताबी बिक्री,जो वहां थी ही नही। बिल-बिक्री जो कभी होगी नही। तो नकली बिलो के ज़रिए नकली बिक्री दिखाओ। लेकिन कुछ वैध कारण भी है। हो सकता है कि प्रबंधन पूजी जुटाने के प्रयास में हो और वह ज्यादा मार्जिन या ज्यादा राजस्व या दोनों ही दिखाना चाहता हो, जिससे नतीजे बेहतर दिखाई दे। यहां तक कि जब आप संख्या पर विश्वास करते है तो आप उनकी बात सुनने वाले पहले व्यक्ति नही है। इसका अर्थ है कि शेयर की कीमत ने शेयर की मात्रा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला होगा।
कुछ वित्तीय नतीजो का निवेश पर या तो बहुत कम असर होता है या उनका निवेश से कोई संबन्ध नही होता। उदाहरण के लिए तिमाही नतीजो को देखे। वे नियामक के उद्देश्य से प्रकाशित किये जाते है। लेकिन,ऐसी संख्या के आधार पर दीर्घकालीन निवेश निर्णय लेना, जो आम जनता को प्रसन्न करने के लिए है,वैसा प्रदर्शन नही करेंगे जैसे कि आपने उम्मीद की होगी। मैराथन दौड़ में कभी भी बहुत तेज न दौड़े।
आपको वार्षिक रिपोर्ट के कुछ अंशो को अवश्य पड़ना चाहिए। सभी वार्षिक रिपोटों में एक "जन-सम्पर्क" हिस्सा होता है जो बताता है कि कंपनी कैसे अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसको भी छोड़ दे। वित्तीय नतीजो का एक भाग होता है - "कैश फ्लो स्टेटमेंट"।इसे आप ध्यान से पढ़े। इसके तीन भाग होते है। एक भाग है "ऑपरेटिंग नकद-प्रवाह"। यदि आप देखते है कि ऑपरेटिंग कैश फ्लो संख्या बहुत कम है (या नकारात्मक है ) अपेक्षाकृत शुद्ध आय के,तो इस शेयर से दूर ही रहे।
घोषणाओं से निपटना
एक शेयर में "सकारात्मक" आकर्षण उतपन्न करने के लिए कंपनिया कई तरह की घोषणाएं करती है। चुकी ये घोषणाएं सिर्फ कंपनी के लिए सकारात्मक प्रभाव महसूस करवाने के लिए की जाती है,इनका निवेश से कोई लेना-देना नही होता। शेयर से बाहर आने के लिए नकारात्मक घोषणाओं को गम्भीरता से लेना चाहिये। कोई भी कंपनी नकारात्मक घोषणा नहो करेगी,जब तक कि बहुत मजबूरी न हो। यदि कोई कंपनी महत्वपूर्ण "नकारात्मक"घोषणा करती हैं जो बहुत "महत्वपूर्ण है तो उस सम्पनि के शेयर से बाहर निकल जाए। यहां "महत्वपूर्ण" से मतलब,उस घोषणा से है जो प्रत्यक्ष रूप से कंपनी के राजस्व या लाभार्जन की क्षमता के लिए प्रासंगिक है।
एक कंपनी की घोषणा का उदाहरण देखे, जिसने कंपनी के प्रमुख ग्राहक खो दिए थे। जब तक वे जानते है कि ये उनके राजस्व या लाभ को लंबे समय तक प्रभावित करेंगे,वे ऐसी घोषणाएं नही करते। आपके जल्दी से बाहर निकलने का एक और कारण होना चाहिए कि संस्थागत निवेशक भी उसी शेयर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे है,जिसके परिणाम स्वरूप शेयर की कीमत बहुत तेजी से गिर सकती है और आपका नुकसान बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
आमतौर पर जब घोषणाएं नकारात्मक हो तो शेयरों में बहुत तेज प्रतिक्रिया दिखाई देती है। प्रबंधन नकारात्मक समाचारो को देना पसंद नही करते और जब वे ऐसा करते है तो समझ लेना चाहिए कि तब वहां ऐसी चीजें इकठ्ठा होती रही हैं जिन्हें वे बताना नही चाहते थे और लंबे समय से उससे बचने की कोशिश कर रहे थे।
जब कई निवेशक एक साथ नकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाते है वे लगभग हमेशा ही शेयर को उससे भी नीचे ले जाते है, जितनी उस घोषणा से भी उम्मीद नही की होगी। यह आपके लिए एक अच्छा अवसर है शेयर में प्रवेश करने का। यदि कोई नकारात्मक घोषणा होती है तो यह निश्चित कर ले कि बिकवाली बहुत अधिक हो चुकी है। यदि बिकवाली जारी रहती है या बहुत तेजी से बढ़ती है तो वह घोषणा जितनी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा बुरी हो सकती है। लगातार होने वाली बिक्री इस और इशारा करती है कि संस्थागत निवेशको जैसे बड़े निवेशक रुक-रुक कर शेयर बेच रहे है ताकि बाजार में अफरा-तफरी न फैल जाय या वे सबसे कम मूल्य पर भी अपने शेयर बेच सके।
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वित्तीय परिणामो और घोषणाओं से निपटना
बहुत से लोग "बुनियादी"निवेशक होते है जो वित्तीय विवरणों को अनुचित ही महत्व देते है। वे कोई भी अर्थपूर्ण मार्गदर्शन नही करते जिससे आप निवेश कर सके। यदि वे ऐसा करते है तो सम्भावना रहती है कि उन्हें हजारो संस्थागत निवेशको और व्यक्तिगत निवेशको ने पहले ही पढ़ लिया होगा और उसका असर शेयरों की कीमत पर हो चुका होगा।
जब आप वित्तीय परिणामो या उनकी प्रासंगिकता पर निगाह डालते है तो दो बातों का ध्यान रखे:क्या प्रबंधन पर विश्वास किया जा सकता है? वित्तीय परिणामो की व्याख्या ही पर्याप्त होती तो चार्टर्ड एकाउंट सबसे अच्छे निवेशक होते (कुछ है भी लेकिन इसका कोई प्रमाण नही मिलता की वे दूसरे निवेशको से बेहतर निवेशक है )
यदि कोई प्रबंधन सीधे-सीधे किसी संख्या या आंकड़े को नही बताना चाहता, तो वह नही बतायेगा। इसके कई कारण है। सदा छल उनमे से एक है किताबी बिक्री,जो वहां थी ही नही। बिल-बिक्री जो कभी होगी नही। तो नकली बिलो के ज़रिए नकली बिक्री दिखाओ। लेकिन कुछ वैध कारण भी है। हो सकता है कि प्रबंधन पूजी जुटाने के प्रयास में हो और वह ज्यादा मार्जिन या ज्यादा राजस्व या दोनों ही दिखाना चाहता हो, जिससे नतीजे बेहतर दिखाई दे। यहां तक कि जब आप संख्या पर विश्वास करते है तो आप उनकी बात सुनने वाले पहले व्यक्ति नही है। इसका अर्थ है कि शेयर की कीमत ने शेयर की मात्रा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला होगा।
कुछ वित्तीय नतीजो का निवेश पर या तो बहुत कम असर होता है या उनका निवेश से कोई संबन्ध नही होता। उदाहरण के लिए तिमाही नतीजो को देखे। वे नियामक के उद्देश्य से प्रकाशित किये जाते है। लेकिन,ऐसी संख्या के आधार पर दीर्घकालीन निवेश निर्णय लेना, जो आम जनता को प्रसन्न करने के लिए है,वैसा प्रदर्शन नही करेंगे जैसे कि आपने उम्मीद की होगी। मैराथन दौड़ में कभी भी बहुत तेज न दौड़े।
आपको वार्षिक रिपोर्ट के कुछ अंशो को अवश्य पड़ना चाहिए। सभी वार्षिक रिपोटों में एक "जन-सम्पर्क" हिस्सा होता है जो बताता है कि कंपनी कैसे अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसको भी छोड़ दे। वित्तीय नतीजो का एक भाग होता है - "कैश फ्लो स्टेटमेंट"।इसे आप ध्यान से पढ़े। इसके तीन भाग होते है। एक भाग है "ऑपरेटिंग नकद-प्रवाह"। यदि आप देखते है कि ऑपरेटिंग कैश फ्लो संख्या बहुत कम है (या नकारात्मक है ) अपेक्षाकृत शुद्ध आय के,तो इस शेयर से दूर ही रहे।
घोषणाओं से निपटना
एक शेयर में "सकारात्मक" आकर्षण उतपन्न करने के लिए कंपनिया कई तरह की घोषणाएं करती है। चुकी ये घोषणाएं सिर्फ कंपनी के लिए सकारात्मक प्रभाव महसूस करवाने के लिए की जाती है,इनका निवेश से कोई लेना-देना नही होता। शेयर से बाहर आने के लिए नकारात्मक घोषणाओं को गम्भीरता से लेना चाहिये। कोई भी कंपनी नकारात्मक घोषणा नहो करेगी,जब तक कि बहुत मजबूरी न हो। यदि कोई कंपनी महत्वपूर्ण "नकारात्मक"घोषणा करती हैं जो बहुत "महत्वपूर्ण है तो उस सम्पनि के शेयर से बाहर निकल जाए। यहां "महत्वपूर्ण" से मतलब,उस घोषणा से है जो प्रत्यक्ष रूप से कंपनी के राजस्व या लाभार्जन की क्षमता के लिए प्रासंगिक है।
एक कंपनी की घोषणा का उदाहरण देखे, जिसने कंपनी के प्रमुख ग्राहक खो दिए थे। जब तक वे जानते है कि ये उनके राजस्व या लाभ को लंबे समय तक प्रभावित करेंगे,वे ऐसी घोषणाएं नही करते। आपके जल्दी से बाहर निकलने का एक और कारण होना चाहिए कि संस्थागत निवेशक भी उसी शेयर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे है,जिसके परिणाम स्वरूप शेयर की कीमत बहुत तेजी से गिर सकती है और आपका नुकसान बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
आमतौर पर जब घोषणाएं नकारात्मक हो तो शेयरों में बहुत तेज प्रतिक्रिया दिखाई देती है। प्रबंधन नकारात्मक समाचारो को देना पसंद नही करते और जब वे ऐसा करते है तो समझ लेना चाहिए कि तब वहां ऐसी चीजें इकठ्ठा होती रही हैं जिन्हें वे बताना नही चाहते थे और लंबे समय से उससे बचने की कोशिश कर रहे थे।
जब कई निवेशक एक साथ नकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाते है वे लगभग हमेशा ही शेयर को उससे भी नीचे ले जाते है, जितनी उस घोषणा से भी उम्मीद नही की होगी। यह आपके लिए एक अच्छा अवसर है शेयर में प्रवेश करने का। यदि कोई नकारात्मक घोषणा होती है तो यह निश्चित कर ले कि बिकवाली बहुत अधिक हो चुकी है। यदि बिकवाली जारी रहती है या बहुत तेजी से बढ़ती है तो वह घोषणा जितनी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा बुरी हो सकती है। लगातार होने वाली बिक्री इस और इशारा करती है कि संस्थागत निवेशको जैसे बड़े निवेशक रुक-रुक कर शेयर बेच रहे है ताकि बाजार में अफरा-तफरी न फैल जाय या वे सबसे कम मूल्य पर भी अपने शेयर बेच सके।
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