इंवेशटिंग ऑफ द क्वालिटी रिचेस्ट मैन फ़ॉर स्कीम
Investment
नमस्कार दोस्तो मैं आपके निवेस को आसान बनाने की कोशिस करूँगा हेलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे भारतीय शेयर की निवेश के बारे में बताऊंगा जिससे आपकी निवेश में काफी मदद मिलेगी
निवेश का आयोजन
(Investment basic)
बचत और निवेश (savings and investments):
हमारी नियमित कमाई से खर्च निकालकर जो बचत होती है उसे अंग्रेजी में सेविंग (seving) कहते है और वह बचत हमे भविष्य के खर्चो के लिए उपयोग में आती है । उदा बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए, विवाह के समय,दवाइया,इलाज आदि के लिए उपयोग में आता है ।
बचाय हुए रुपयों का सही निवेश करके अधिक कमाई के लिए आयोजन करना जरूरी है ।
मुद्रास्फीति (infelation)
(Investment basic)
बचत और निवेश (savings and investments):
हमारी नियमित कमाई से खर्च निकालकर जो बचत होती है उसे अंग्रेजी में सेविंग (seving) कहते है और वह बचत हमे भविष्य के खर्चो के लिए उपयोग में आती है । उदा बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए, विवाह के समय,दवाइया,इलाज आदि के लिए उपयोग में आता है ।
बचाय हुए रुपयों का सही निवेश करके अधिक कमाई के लिए आयोजन करना जरूरी है ।
मुद्रास्फीति (infelation)
मुद्रास्फीति का अर्थ है कि वस्तु की कीमत नीचे बढ़ जाना और रुपए का मूल्य कम हो जाना । दूसरे शब्दों में कहे तो अगर किसी वस्तु की कीमत आज 10 रुपये है तो उसी वस्तु 1 साल के बाद 10 रुपयों से बढ़कर 11 या 12 रुपयों में मिलेगी । इसी बढ़ी हुई कीमत को मुद्रास्फीति कहते है ।
दूसरे उदाहरण से समझे अगर मुद्रास्फीति का वार्षिक दर 7% है हम 6% में निवेश करते है तब हमारी बचत 1% होती है इस तरह बचत के दर में कमी होती है ।इसी कारण निवेश का आयोजन करना जरूरी है ।यह चढ़ाव के दर पर निर्भर होता है । मगर इसी के साथ उसमे जो खतरा है उसका प्रमाण भी कम होना चाहिए ।
निवेश के सुनहरे नियम (Golden Rules Of Investment)
दूसरे उदाहरण से समझे अगर मुद्रास्फीति का वार्षिक दर 7% है हम 6% में निवेश करते है तब हमारी बचत 1% होती है इस तरह बचत के दर में कमी होती है ।इसी कारण निवेश का आयोजन करना जरूरी है ।यह चढ़ाव के दर पर निर्भर होता है । मगर इसी के साथ उसमे जो खतरा है उसका प्रमाण भी कम होना चाहिए ।
निवेश के सुनहरे नियम (Golden Rules Of Investment)
कमाई के साथ बचत करना जरूरी है और वह ठीक तरह से करनी चाहिए ।
(1).. बचत नियमित करना जरूरी है ।
(2)...बचत अधिक समय तक करना जरूरी है ।
(3).. एक ही जगह निवेश न करके वह अलग अलग जगह में निवेश करनी चाहिए ।
(1).. बचत नियमित करना जरूरी है ।
(2)...बचत अधिक समय तक करना जरूरी है ।
(3).. एक ही जगह निवेश न करके वह अलग अलग जगह में निवेश करनी चाहिए ।
निवेश का आयोजन करते समय महत्त्व की बाते (Investment Consideration):
बचाये गए रुपयों का हम निवेश करके अधिक कमाई करना चाहते है,परन्तु वह निवेश सही जगह और सही समय पर नही किया तो उस निवेश का कोई अर्थ नही । निवेश का आयोजन करते समय महत्त्व की बाते जो ध्यान में रखनी चाहिए-
(1).. आपके निवेश के लक्ष्य क्या है ।
(2).. निवेश करने के बाद उस पर हमेशा ध्यान होना चाहिए ।
(3)... बचत योजना की पूरी जानकारी होनी चाहिए ।
(4).. आपकी की हुई बचत में से ही निवेश कोजिय, न कि ऋण लेकर।
(5)..आपकी आर्थिक स्थिति के अनुसार निवेश करिये।
(6)..घाटा बर्दाश्त करने की शक्ति आप मे होनी चाहिए।
सबसे पहले व्यक्ति को अपने निवेश के उद्देश्य पर ध्यान देना चाहिए। जिससे बचत राशि बढ़नी चाहिए पर उससे जो जोखिम है वह कम होना चाहिए।
आयोजन के पूर्व आपको इन बातों का अभ्यास करना जरूरी है ।आपके कठिन समय मे बचत आयोजन पर कोई दबाव न आये यह महत्त्वपूर्ण है बचत करने से पूर्व नीचे दी गई बातों का अध्ययन करना जरूरी है।
(1).. भविष्य में अचानक आने वाले कठिन समय के लिए पहले से ही बचत करनी चाहिए।
(2).. इसीलिए जीवन बीमा ,चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा करवाना चाहिए।
(3).. खर्च पर नियंत्रण होना चाहिए।
निवृत्त के समय आमदनी की योजना होनी चाहिए।
(1).. आपके निवेश के लक्ष्य क्या है ।
(2).. निवेश करने के बाद उस पर हमेशा ध्यान होना चाहिए ।
(3)... बचत योजना की पूरी जानकारी होनी चाहिए ।
(4).. आपकी की हुई बचत में से ही निवेश कोजिय, न कि ऋण लेकर।
(5)..आपकी आर्थिक स्थिति के अनुसार निवेश करिये।
(6)..घाटा बर्दाश्त करने की शक्ति आप मे होनी चाहिए।
सबसे पहले व्यक्ति को अपने निवेश के उद्देश्य पर ध्यान देना चाहिए। जिससे बचत राशि बढ़नी चाहिए पर उससे जो जोखिम है वह कम होना चाहिए।
आयोजन के पूर्व आपको इन बातों का अभ्यास करना जरूरी है ।आपके कठिन समय मे बचत आयोजन पर कोई दबाव न आये यह महत्त्वपूर्ण है बचत करने से पूर्व नीचे दी गई बातों का अध्ययन करना जरूरी है।
(1).. भविष्य में अचानक आने वाले कठिन समय के लिए पहले से ही बचत करनी चाहिए।
(2).. इसीलिए जीवन बीमा ,चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा करवाना चाहिए।
(3).. खर्च पर नियंत्रण होना चाहिए।
निवृत्त के समय आमदनी की योजना होनी चाहिए।
निवेश का आयोजन करते समय उद्देश्य (Investment selection criteria):
निवेश करते समय नीचे दी गई बातों का आयोजन करना अधिक महत्त्वपूर्ण है चलिए उसका हम अध्ययन करते है
* खतरा (Risk)
* फायदा(Return)
* नगद राशि मिलने की और बाजार में तुरन्त बेचने की क्षमता ( Liqidity)
* खर्च (Cost)
* अलग अलग सेक्युरिटी में निवेश करना (Diversification)
* सेक्युरिटी पर लगा हुआ कर (Taxes)
* मेहनत और जानकारी (Efforts and Expertise)
निवेश करते समय नीचे दी गई बातों का आयोजन करना अधिक महत्त्वपूर्ण है चलिए उसका हम अध्ययन करते है
* खतरा (Risk)
* फायदा(Return)
* नगद राशि मिलने की और बाजार में तुरन्त बेचने की क्षमता ( Liqidity)
* खर्च (Cost)
* अलग अलग सेक्युरिटी में निवेश करना (Diversification)
* सेक्युरिटी पर लगा हुआ कर (Taxes)
* मेहनत और जानकारी (Efforts and Expertise)
निवेश करने से पूर्व की सावधानी
(Care to be taken while investing):
निवेश करने से पूर्व नीचे दिए गए मुद्दों का अभ्यास करना जरूरी है ।
(Care to be taken while investing):
निवेश करने से पूर्व नीचे दिए गए मुद्दों का अभ्यास करना जरूरी है ।
* निवेश की जानकारी देनेवाले महत्त्वपूर्ण कागजो को देखना ।
* दस्तावेजो के नियमो की जानकारी लेना ।
* दस्तावेजो के नियमो की जानकारी लेना ।
निवेश करते समय होने वाला खर्चा और उससे होने वाला फायदा कितना है यह देखना जरूरी है।
* निवेश की योजना आपकी जरूरत के अनुसार है या नही।
* दलाल से संपूर्ण जानकारी हासिल करना।
* आप जिस योजना में निवेश कर रहे है वह सुरक्षित होना चाहिए ।
* किसी आयोजन में कोई कठिनाई आये तो उससे बाहर निकलने का रास्ता पहले से पता होना चाहिए या फिर उसमें निवेश नही करना चाहिए ।
* निवेश की योजना आपकी जरूरत के अनुसार है या नही।
* दलाल से संपूर्ण जानकारी हासिल करना।
* आप जिस योजना में निवेश कर रहे है वह सुरक्षित होना चाहिए ।
* किसी आयोजन में कोई कठिनाई आये तो उससे बाहर निकलने का रास्ता पहले से पता होना चाहिए या फिर उसमें निवेश नही करना चाहिए ।
निवेश के आयोजन के प्रकार
(Types of Investment):
(Types of Investment):
* भौतिक निवेश
(Physical Assets Investment):
भौतिक निवेश आगे दिए हुए तरीका से किया जाता है।उदा. सोना या जमीन खरीदना, इत्यादि।
(Physical Assets Investment):
भौतिक निवेश आगे दिए हुए तरीका से किया जाता है।उदा. सोना या जमीन खरीदना, इत्यादि।
*रुपये का निवेश
(Financial Assets Investment):
(Financial Assets Investment):
यह निवेश आगे दिए हुए तरीका से किया जाता है। उदा, बैंक की बचत योजना,पोस्ट की बचत योजना,पी पी,एफ, पेंशन योजना और शेयर बाजार में निवेश करना,इत्यादि ।
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