Investing of market
नमस्कार दोस्तो मैं आप सभी दोस्तों को बताना चाहता हु की इंवेशटिंग के बिना कोई भी अमीर नही बना है मैं प्रेमगेन्द्रे जो भी मैं सिखरहा हु उसे आपके निवेश का जानकारी को बढ़ाएगा और आपके इंवेशटिंग को ज्यादा मजबूत बनायेगा और निवेश की जानकारी मैं अपने चैनल लर्न टू पावर में हमेसा नई नई व निवेश को बताता रहूंगा
पैसा बनाने के लिए कुछ आजमाए हुए सिध्दांतो की आवश्यकता होती है जो इस प्रकार के होती है।
(1)....वित्तीय बाजार के इतिहास के कई पूर्व उदाहरण है
मनुष्य कई पीढ़ियों तक ऐसा ही व्यवहार दिखाएगें। आज हम जो कुछ बाजार में देखते है,यही पहले भी होता था। वित्तीय इतिहास को पढ़ने से हमे एक अंतदृष्टि प्राप्त होती है,जिससे पता चलता है कि कोई प्रवृतियां चक्र बदल से रहा है। बाजार किसी भी युग मे या इतिहास की किसी भी अवधि में ,कई चक्रो में व्यवहार करते है--"कमोडिटी" रैलियां, नई प्रोधोगिकी रैलियां,नए युग की रैलियां आदि, सभी उल्लेखनीय चक्रो के रूप में पहले भी घटी है
मनुष्य कई पीढ़ियों तक ऐसा ही व्यवहार दिखाएगें। आज हम जो कुछ बाजार में देखते है,यही पहले भी होता था। वित्तीय इतिहास को पढ़ने से हमे एक अंतदृष्टि प्राप्त होती है,जिससे पता चलता है कि कोई प्रवृतियां चक्र बदल से रहा है। बाजार किसी भी युग मे या इतिहास की किसी भी अवधि में ,कई चक्रो में व्यवहार करते है--"कमोडिटी" रैलियां, नई प्रोधोगिकी रैलियां,नए युग की रैलियां आदि, सभी उल्लेखनीय चक्रो के रूप में पहले भी घटी है
(2)...." लालच और डर" सभी बाजार के दो मार्गदर्शन तत्व है,जो हमेसा रहेंगे और जब तक वे है,इतिहास,किसी भी बाजार में किसी भी मात्रा और जानकारी के स्तर के साथ,अपने आपको दोहराएगा । जुनून और अटकलों के लक्ष्य बदलते है, देश मे फैशन बदलते है,साल दशक और शताब्दी अलग दिखाते है किंतु लालच और डर बरकरार रहते है ।
(3)...बाजार का व्यवहार चक्रीय होता है-- बाजार को आर्थिक चक्रो के बारे में निवेशकों के रुख और ज्ञान के प्रति अपनी प्रतिक्रिया दिखानी होती है।
(4)... बाजारों व्दारा दिखाई जाने वाले संरचनात्मक बदलावों पर कार्रवाई करने के लिए,भावनात्मक प्रवृति महत्त्वपूर्ण होती है। हमारे अपने विश्वासो और विश्लेषणों का अनुसरण करने के लिए साहस चाहिए क्योंकि बाजार से पहले,इन निवेश बिंदुओं पर,निवेशकों कि भीड़ आमतौर पर दूसरी तरह दांव लगती है।
(5)... हर व्यक्ति को जो जानकारी है, इसकी जानकारी रखना प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त नही होती,हम सबके पास जितनी और जैसी जानकारी है,उससे हम क्या कर सकते है,इसकी जानकारी और उसका प्रयोग करना,एक बढ़त है।
(6)...बाजार की सभी कार्रवाइयों के लिए मानव--व्यवहार एक आधार का काम करता है- सभी वित्तीय बाजार में तकनीकी प्रगति,वित्तीय समाचारों में होने वाले विस्फोटो और निवेशकों की वित्तीय समझ के बावजूद यहाँ कोई अनुभवजन्य प्रमाण नही है कि 100 वर्ष या 200 वर्ष पूर्व निवेशकों की अपेक्षा, आज निवेशक बेहतर रिटर्न पैदा कर सकते है
(7)... भीड़ के आगे सही विषय की पहचान करना बहुत महत्त्वपूर्ण है लेकिन केवल भीड़ के आगे ही। यदि भीड़ को,आपका अनुसरण करने की इच्छा नही है तो आपने सही कारणों से शेयर खरीद लिए होंगे लेकिन जो आगे नही बढ़े। यह निवेशकों का मनोविज्ञान होता है कि वे भीड़ के साथ शेयर खरीदते है और उनके साथ शेयर बेचते है। यह अचल सम्पत्ति खरीदने जैसा है। यदि आप अनुमान लगा ले कि पूरा शहर किश दिशा में बढेगा,तो आप जमीन बहुत सस्ते में खरीद सकते है। भीड़ के खरीदने से पहले खरीदे और भीड़ के बेचने से पहले बेंच दे
(8)...आप जितनी विविधता दिखाएगें,आपकी रिटर्न उतनी ही अधिक सूचकांक की रिटर्न के समान होगी। निवेशक केवल कुछेक शेयर की ओर ही देखते है। कई शेयरों और कई कम्पनियो को समझना, सम्भव ही नही है।
(9)....हम जिसमे निवेश करते है,उन क्षेत्रों और शेयरों को समझे। कॉफी का ही उदाहरण ले। आमतौर पर कॉफी दो तरह की होती है। अरेबिका और रोबस्ता। अरेबिका कॉफी महंगी होती है जो विशेष रूप से इथोपिया,क्यूबा और ब्राजील जैसे देशों में बहुत कम मात्रा में उगती है। सस्ती और अधिक मात्रा में उपलब्ध कॉफी वियतनाम की रोबस्ता होती है और यह लम्बे समय तक प्रचुर मात्रा में मिले, इसीलिए इसे कुटीर उद्दोग बना दिया गया है। बरिस्ता कैफे में मिलने वाली कॉफी,100 % अरेबिक होती है और इसलिए महंगी होती है। और नैस्कॉफे में मिलने वाली कॉफी, अरेबिक और रोबस्ता का मिश्रण होती है जब कॉफी की कीमत में वृद्धि शुरू हो जाती है, वे 100 या 200 % तक ऊपर जा सकता है।परिणामस्वरूप कॉफी कम्पनी के शेयरों में बहुत बड़ा लाभ मिल जाता है।

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