Success rull
30 days success bigginer tips
16-th-days://
"अगुआ" बनाम "फिसड्डी" शेयर
आपने कई बार शेयरों को पूरी तरह से मूल्य-निवेश के माकूल पाया होगा लेकिन फिर भी, वे या तो हिलते नही या फिर और भी नीचे चले जाते है।
"अगुआ" या "फिसड्डी" शेयर निवेशको के लिए ठीक वैसे नही होते; जिन्हें टी,वी चैनल या वित्तीय समाचार-पत्र "टॉप-50' या-100' शेयरों की सूची में शामिल करते है या ऐसी कंपनियों को प्रायोजित पुरस्कार देते है। वे अपनी इच्छा से जो चाहे कर सकते है लेकिन आप "अगुआ' और फिसड्डी शेयरों की अपनी धरना के सम्बंध में भ्रमित न हो। जो शेयर आपको पैसा कमा कर देते है वे "अगुआ" है और दूसरे शेयर "फिसड्डी"।
आप पैसा बनाने के लिए ही निवेश करते है। आपको बाजार में किसी कंपनी सेइसलिया प्रभावित नही होना चाहिए कि उसने कुछ पुरस्कार जीते है या वे बाजार में बहुत सम्मानित मने जाते है। यदि आप पैसा बनाने पर ध्यान केंद्रित करते है तो आप सही "लीडरों" की पहचान कर सकते है और अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयर वे है जो "संचयन" की स्थिति में है। हम "संचयन"के बारे में किसी और कंपनियों के विपरीत, शेयर किसी दिन,सप्ताह,महीने या इससे भी अधिक अवधि के "लीडर"हो सकते है। यदि निवेशक उनमे दिलचस्पी ले और उन्हें पसंद कर तो पूरे के पूरे सेक्टर भी "लीडर" हो सकता है।"विराम" की स्थिति वाले शेयर फिसड्डी कहलाते है। और ये फेंक देने के योग्य ही है बेशक आप यह मने की उनका प्रबंधन बहुत अच्छा है या उनका व्यापार बहुत बढ़िया है लेकिन यह भी हो सकता है कि एक नाव समुद्र की सतह में डूब सकती है।
एक अच्छी "कीमत" वाला शेयर,अल्प-मूल्यांकन के कारण दुब सकता है और निवेशको के भुला दिए जाने पर सालो-साल समुद्र की सतह पर पड़ा रहा सकता है। एक जहाज डूबने के बाद 100 वर्षो तक समुद्री साथ पर इसलिए पड़ा रहा सकता है कि उसे बाहर निकलने की तकनीक हमारे पास नही है या वह तकनीक बहुत महंगी है। ठीक यही निवेश में भी होता है शेयर के अल्प-मूल्यांकन या "अधि-मूल्यांकन"तय करने वाले मानदण्ड या कारक बदलते रहते है जो मानदण्ड कल काम कर रहे थे आज वे व्यर्थ है।आप सोने में निवेश करने के बारे में सोंचे। कुछ वर्ष पहले तक,सोने की कीमते केंद्रीय बैंको द्वारा सोना बेचने और भारत द्वारा खरीदे जाने से तय होती थी। अब केंद्रीय बैंको ने सोना बेचना बन्द कर दिया है और भारत की खरीद, सोने को कीमते में एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।अब सबसे बड़े खिलाड़ी है--एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड' जिन्होंने सोने कि कीमतों की गतिशीलता को एकदम बदल कर रख दिया है।
17th=days://
अंततः "सहमति" तय करेगी शेयर की कीमत
किसी शेयर की कीमत कैसे निर्धारित होती है? स्वाभाविक है, आम सहमति द्वारा। जहां पैसे का प्रवाह होता है,शेयर की प्रतिक्रिया भी वही होती है। कभी-कभी, पैसे का प्रवाह इसलिए भी होता है क्योंकि दूसरे लोगो की निगाह भी आज की तरह ही होती है। कई बार,पैसे का प्रवाह उसी दिशा में होता है जिस दिशा में तेज गति से पैसा बनाने के सबंध में ज्यादातर निवेशक सोचते है। अच्छी कीमत वाले शेयरों को चुनते समय, आप स्वयं से यह प्रश्न करे कि जिस शेयर को आप चुन रहे है क्या उसमे पैसा कमाने की स्थितियां माकूल है?
शेयर की कीमत में होने वाली हर हलचल एक नई "सहमति" का पता देती है कि खरीदार और विक्रेता बाजार में आ चुके है। यदि किसी शेयर की कीमत में कुछ दिनों तक हलचल बनी रहती है तो इसका अर्थ है शेयर को आगे बढ़ाने में "सहमति" बनी हुई है। यह "सहमति"कभी उल्टी हो सकती है।
अधिकांश निवेशको के लिए शेयर बाजार के प्रवाह के विरुद्ध जाना, तकलीफदेय होता है। लाखो में कोई एक ही पर्वानुमान लगा सकता है कि "सहमति" में बदलाव आ रहा है और वह बाजारों में
"मारक" सिद्ध हो सकती है। अधिकांश के लिए,जोखिम कम करने और "रिटर्न" में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है कि वे बाजार के "प्रवाह"ओर "सहमति"का समान करे।
शेयर की कीमत की दिशा में बनने वाली "सहमति" किसी शेयर की कीमत और मात्रा के चार्ट में दिखाई दे जाती है। यदि मात्रा और कीमत तेज गति से बढ़ रहे है तो निवेशको में बनने वाली "सहमति"ऊपर की और दिखाई देती है।
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"अगुआ" बनाम "फिसड्डी" शेयर
आपने कई बार शेयरों को पूरी तरह से मूल्य-निवेश के माकूल पाया होगा लेकिन फिर भी, वे या तो हिलते नही या फिर और भी नीचे चले जाते है।
"अगुआ" या "फिसड्डी" शेयर निवेशको के लिए ठीक वैसे नही होते; जिन्हें टी,वी चैनल या वित्तीय समाचार-पत्र "टॉप-50' या-100' शेयरों की सूची में शामिल करते है या ऐसी कंपनियों को प्रायोजित पुरस्कार देते है। वे अपनी इच्छा से जो चाहे कर सकते है लेकिन आप "अगुआ' और फिसड्डी शेयरों की अपनी धरना के सम्बंध में भ्रमित न हो। जो शेयर आपको पैसा कमा कर देते है वे "अगुआ" है और दूसरे शेयर "फिसड्डी"।
आप पैसा बनाने के लिए ही निवेश करते है। आपको बाजार में किसी कंपनी सेइसलिया प्रभावित नही होना चाहिए कि उसने कुछ पुरस्कार जीते है या वे बाजार में बहुत सम्मानित मने जाते है। यदि आप पैसा बनाने पर ध्यान केंद्रित करते है तो आप सही "लीडरों" की पहचान कर सकते है और अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयर वे है जो "संचयन" की स्थिति में है। हम "संचयन"के बारे में किसी और कंपनियों के विपरीत, शेयर किसी दिन,सप्ताह,महीने या इससे भी अधिक अवधि के "लीडर"हो सकते है। यदि निवेशक उनमे दिलचस्पी ले और उन्हें पसंद कर तो पूरे के पूरे सेक्टर भी "लीडर" हो सकता है।"विराम" की स्थिति वाले शेयर फिसड्डी कहलाते है। और ये फेंक देने के योग्य ही है बेशक आप यह मने की उनका प्रबंधन बहुत अच्छा है या उनका व्यापार बहुत बढ़िया है लेकिन यह भी हो सकता है कि एक नाव समुद्र की सतह में डूब सकती है।
एक अच्छी "कीमत" वाला शेयर,अल्प-मूल्यांकन के कारण दुब सकता है और निवेशको के भुला दिए जाने पर सालो-साल समुद्र की सतह पर पड़ा रहा सकता है। एक जहाज डूबने के बाद 100 वर्षो तक समुद्री साथ पर इसलिए पड़ा रहा सकता है कि उसे बाहर निकलने की तकनीक हमारे पास नही है या वह तकनीक बहुत महंगी है। ठीक यही निवेश में भी होता है शेयर के अल्प-मूल्यांकन या "अधि-मूल्यांकन"तय करने वाले मानदण्ड या कारक बदलते रहते है जो मानदण्ड कल काम कर रहे थे आज वे व्यर्थ है।आप सोने में निवेश करने के बारे में सोंचे। कुछ वर्ष पहले तक,सोने की कीमते केंद्रीय बैंको द्वारा सोना बेचने और भारत द्वारा खरीदे जाने से तय होती थी। अब केंद्रीय बैंको ने सोना बेचना बन्द कर दिया है और भारत की खरीद, सोने को कीमते में एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।अब सबसे बड़े खिलाड़ी है--एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड' जिन्होंने सोने कि कीमतों की गतिशीलता को एकदम बदल कर रख दिया है।
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अंततः "सहमति" तय करेगी शेयर की कीमत
किसी शेयर की कीमत कैसे निर्धारित होती है? स्वाभाविक है, आम सहमति द्वारा। जहां पैसे का प्रवाह होता है,शेयर की प्रतिक्रिया भी वही होती है। कभी-कभी, पैसे का प्रवाह इसलिए भी होता है क्योंकि दूसरे लोगो की निगाह भी आज की तरह ही होती है। कई बार,पैसे का प्रवाह उसी दिशा में होता है जिस दिशा में तेज गति से पैसा बनाने के सबंध में ज्यादातर निवेशक सोचते है। अच्छी कीमत वाले शेयरों को चुनते समय, आप स्वयं से यह प्रश्न करे कि जिस शेयर को आप चुन रहे है क्या उसमे पैसा कमाने की स्थितियां माकूल है?
शेयर की कीमत में होने वाली हर हलचल एक नई "सहमति" का पता देती है कि खरीदार और विक्रेता बाजार में आ चुके है। यदि किसी शेयर की कीमत में कुछ दिनों तक हलचल बनी रहती है तो इसका अर्थ है शेयर को आगे बढ़ाने में "सहमति" बनी हुई है। यह "सहमति"कभी उल्टी हो सकती है।
अधिकांश निवेशको के लिए शेयर बाजार के प्रवाह के विरुद्ध जाना, तकलीफदेय होता है। लाखो में कोई एक ही पर्वानुमान लगा सकता है कि "सहमति" में बदलाव आ रहा है और वह बाजारों में
"मारक" सिद्ध हो सकती है। अधिकांश के लिए,जोखिम कम करने और "रिटर्न" में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है कि वे बाजार के "प्रवाह"ओर "सहमति"का समान करे।
शेयर की कीमत की दिशा में बनने वाली "सहमति" किसी शेयर की कीमत और मात्रा के चार्ट में दिखाई दे जाती है। यदि मात्रा और कीमत तेज गति से बढ़ रहे है तो निवेशको में बनने वाली "सहमति"ऊपर की और दिखाई देती है।
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