30 दिन में कामयाबी महान निवेशक बनने का महत्वपूर्ण फार्मूला
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शोरगुल पर ध्यान न दे
निवेश करना बहुत सरल है। इसमें शेयर को चुनने और बाहर निकल सकने की जानकारी बहुत जरूरी है। किसी शेयर को चुनते समय शेयर की कीमत और मात्रा को देखना होता है। इससे भी बेहतर होगा कि आप कीमत और मात्रा में वृद्धि का ओचित्य साबित करने के लिए कोई अन्य कारण ढूंढ सके। लेकिन आप वह शेयर न खरीदे, जिसमे आप समझते है कि "कीमत" है ( "कीमत"जानने के लिए आप कम पी ई जैसा कोई भी तरीका अपना सकते है ) लेकिन शेयर ऊपर नही जा रहा और उनकी मात्रा कम या स्थिर है।
फिर आपको एक शेयर से बाहर निकलने के तरीके की भी जरूरत होती है। अपने अधिकतम नुकसान का लक्ष्य तय करना और लाभ देने वाले शेयरों को "होल्ड"करके रखना।
एक शेयर का चुनाव करने और उसे बेच देने के सरल उपाय के दौरान घण्टो वित्तीय टी,वी, को निहारने,वित्तीय नतीजो पर उत्साहित होने या प्रमोटरों या सी, ई,ओ की बातों को पसंद करने का उद्देश्य ही क्या है? इन सुनी हुई बातो में ज्यादातर किसी शोर से अधिक कुछ नही होती। यह शोर पैसा कमाने के आपके लक्ष्य से आपका ध्यान हटा देता है। इसकी अपेक्षा आप "चार्ट" को पढ़ने और अपने तय किए नुकसान की सीमा को छू लेने पर उससे बाहर निकलने का अनुशासन सीखने पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
नवीनतम सूचना और प्रोधोगिकी में हमारी पहुँच के बावजूद,हमारी भावनात्मक स्थिरता या स्वभाव में सुधार नही हुआ है जो सब जानते है,उसकी जानकारी होना ही "प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त" नही होता।
वित्तीय टी,वी बाजार के गिरने-उठने (आमतौर पर उठने ) को बहुत बढ़ा-चढ़ा कर दिखाते है।वित्तीय टी,वी का लाभ, दर्शको की संख्या पर निर्भर करता है और इसके लिए जरूरी है कि वे निवेश प्रक्रिया में दर्शकों के उत्साह को बनाये रखे और उन्हें महसूस कराए की निवेश में कोई भी गम्भीर गतिविधि "बहुत ही आसान है और इसे तो कोई भी कर सकता है।" टी,वी एंकर और संवाददाता किसी एक शेयर में होने वाली 10 प्रतिशत की वृद्धि को बिना रुके बताते है ( बेशक वे पिछले 2 सालों में 80 प्रतिशत गिर चुके हो )। अधिकांश बाजार विशेषज्ञ और "टिप्पणीकारों" के बाजार के गिरने में स्वार्थ जुड़े होते है ( बेचना हर किसी के बूते की बात नही होती ) और उनके स्पष्टीकरण बार-बार दोहराए जाते है। "यह तेजी 100 वर्षो में एक बार आने वाली है", "अर्थव्यवस्था में दोहरे अंको की वृद्धि जारी रहेगी" , "कमजोर बाजार खरीदने का एक सुअवसर प्रदान करता है", "ऐसी टिप्पणिया निवेश जैसे व्यवसाय की गम्भीरता को कम कर देती है।
टी,वी देखकर आप अमीर नही बन सकते
एक जटिल वित्तीय दुनिया मे,अनजान बने रहने से कोई मदद नही करता। वित्तीय मीडिया हमे ऐसी सूचनाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो संस्थाओ के पास होती है और हमे अंधेरे में नही रहने देता।
इस तरह वह,हमारे अंजनेपन से होने वाले नुकसान से हमे बचाता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। क्या हम इससे पैसा बना सकते है? नही!एक घर खरीदने का उदाहरण ले। यदि हमें पंजीकरण की प्रक्रिया का ज्ञान नही हैं तो हमे उसका स्वामित्व पाने में समस्या हो सकती है और परिणामस्वरूप हम नुकसान उठा सकते है लेकिन पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी होने से हम प्रत्यक्षतः कोई पैसा नही बना सकते। इसके लिए हमे अपनी धारणा और अचल संपत्ति के बाजार को समझने के लिए हमारी क्षमता की आवश्यकता होगी।
वित्तीय चैनल, बाजार पर "रिपोर्टिंग, करने के लिए है, न कि बाजारों के "पूर्वानुमान लगाने" या उनसे "लाभ कमाने' के लिए।
वित्तीय टी,वी पर जो कुछ कहा जाता है,हम अक्सर उसे पूर्ण सत्य मान बैठते है। वित्तीय मीडिया हमे इस सबंध में कुछ नही बताता की कोई जानकारी हमारे निवेश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है या हमे उस जानकारी का क्या करना चाहिए। उनके समाचार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि वह अधिक से अधिक लीगो को टी,वी के लिए प्रेरित करे।
और यहां "चियर्स लीडर' की भी समस्या है। वित्तीय टी वी चैनलो की आजीविका बढ़ते हुए बाजारों और सक्रिय व्यापार पर निर्भर होती है ( बाजार गिरने से उनकी कमाई भी कम हो जाती हैं ) यह समाचार को "आशापूर्ण" पूर्वाग्रह से ग्रस्त कर देती है और किसी गैर-जरूरी समाचार को भी जरूरी समाचार बनाने को मजबूर कर देती है । हालांकि इस तरह की दिलचस्पी पैदा करना और उसे बनाये रखना वित्तीय टी,वी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन यह स्पस्ट नही है कि यह किसी भी तरीके से निवेश में सुधार लाने के लिए आवश्यक है या यह निवेश में कोई सुधार लाता है।
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