Bigginer invester tips
30 days for bigginer investor success tips
11th=days://
शेयरों में गतिविधि क्यो होती है?
बाजार कॉफी हद तक भावनाओ से प्रेरित लोगो से बने होते है। सफल मूल्य-निवेश ( वैल्यू इंवेस्टिंग ) के लिए बाजार की विविध प्रकृति की सराहना पहला कदम होता है। यहां तक कि परिवार में भी किसी विषय पर सभी लोग एकमत नही होते। अब आप लाखो निवेशको और कारोबारियों की कल्पना करें, जिनकी अलग-अलग व्याख्याएं,अलग-अलग विचार और अलग-अलग उम्मीदे होती है और आप देख सकते है कि तथ्यों और आंकड़ो को देखना और शेयरों में निवेश करना,आपके निवेश को व्यर्थ कर सकता है।
यह भी हो सकता है कि शेयरों की चाल, "मूल्य"और "बुनियादी बांतो" पर आधारित आपकी धारणाओ पर कोई प्रतिक्रिया न दिखाए। इस स्थिति में, या तो आपकी धारणाएं गलत है या बाजार को आपकी धारणाओ को जानने में कोई दिलचस्पी नही है या फिर आपके पास ऐसी सामथ्र्य नही की आप बाजार की धारणाओ को अपनी धारणाओ से मिला सके।
"मूल्य निवेश" कोई गणित नही है। यह गणित के किसी सूत्र की तरह भी नही है जहां आप किसी समीकरण को उठाकर सूत्र में रखते है और उत्तर तैयार।
"मूल्य निवेश"एक नाम है, जो उस निवेश को दिया जाता है जिसमे कोई "कीमत" दिखाई देती हो। लेकिन इस "कीमत" की व्याख्या कौन करेगा? "कीमत' है क्या? कम पी,ई? प्रबंधन की गुणवत्ता? कोई आंतरिक मूल्य? "मूल्य निवेश" के सबंध में हर किसी की धरना अलग-अलग है और सँभव है आपके "मूल्य निवेश" से शेयर में कोई गतिविधि न हो।
शेयर में धन के ज्यादा प्रवाह से गतिविधि दिखाई देती है ओर किसी शेयर से पैसा निकल जाने से उनकी कीमत गिर जाती है। यह बहुत आसान सी चीज है। यदि किसी बाजार सेक्टर या शेयर में निवेशको की दिलचस्पी बढ़ती है तो ज्यादा से ज्यादा पैसा उसमे आता है और शेयर की कीमत को ऊपर उठता है और यदि किसी सेक्टर या शेयर में दिलचस्पी नही होती न तो बहुत ज्यादा शेयरों में कारोबार होगा और न ही शेयरों की कीमत आगे बढ़ेगी। यदि आप वारेन बफेट के स्तर तक नही पहुचे तो मैं आपको सलाह दूंगा की आप बाजार का अनुसरण करें। शेयर की दिशा के साथ-साथ चले। आप "कम-मूल्यांकन" या "अधि-मूल्यांकन" के संबन्ध में अनुमान न लगाएं कम जोखिम के साथ पैसा बनाने का सबसे बढ़िया तरीका है,बाजार का अनुसरण करना।
यहां ऐसे कई गायक है, जिन्हें पाश्रव-गायक होना चाहिए लेकिन ऐसा है नही। ऐसे में कुछ लोग ही पाश्रव-गायक बन पाते है। जो लोग ऐसा कर पाते है,उनके पास एक बेहतरीन आवाज होती है,एक बेहतरीन प्रायोजक होता है और खुद को साबित करने के लिए सही मंच होता है। शेयरों को भी ऐसे निवेशको की आवश्यकता होती है,जो उनमे विश्वास दिखा सके और उनमें गति लाने के लिए,उनमे पैसा लगा सके। निवेशक की दिलचस्पी जितनी अधिक होगी, शेयर में उतनी ही गति होगी। आप पी,ई के जाल में न फसे। 6 पी,ई सस्ता है और 60 पी,ई महंगा। शेयर की कीमते ओर मूल्य एक दूसरे से जुड़े होते है यदि शेयर में पर्याप्त दिलचस्पी है तो 60 पी,ई वाला शेयर 600 पी,ई तक जा पहुँचेगा और दिलचस्पी के अभाव में, 6 पी,ई वाला शेयर 2 पी,ई तक आ जायेगा।
।।।धुंए का परदा
"वास्तविकता बहुत शातिर है..सबसे पहले,यह रुक-रुक कर घातक गोली बरसाती है, किसी रिवाल्वर के समान, जिसमें छः की बजाय सैकड़ो..नही..बल्कि हजारो "चैम्बर" है। कुछेक कोशिशों के बाद, लोग उस गोली को भूल जाते है--एक स्वस्थ सुरक्षा की झूठी भावना के अंतगर्त।"
इसमें कोई अंतर नही पड़ता कि आप शेयर को चुनते हुए कितना अच्छा शेयर पा जाते है। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी चौकसी को कमान होने दे। एक मुर्गा अपने मालिक की ओर से निराश हो जाता है, जब उसे पता चलता है कि एक दिन वह उसकी गर्दन काट देगा। बाजार किसी भी समय ऐसा झटका दे सकता है। आप चौकस बने रहे और अपने पाउडर को सूखने दे। यदि चीजे आपके मन मुताबिक नही हो रही, तो आप शेयर से बाहर निकल जाए।
यदि किसी प्रबन्धन ने शेयर को "ऊपर उठाने" का निश्चय कर लिया है तो सही घोषणाओं,उत्कृष्ट परिणामो और मीडिया के धमाकों के साथ,यह बहुत ठोस प्रयास हो सकता है। पूरी बात का इतनी अच्छी तरह से प्रबंध किया जा सकता है कि आप सीधे जाल में जाकर फंस जाए। सबसे ऊंचे मूल्य पर शेयर खरीदे उन्हें बेच न पाए या अपने घाटे को कम कर दे।
30 days for bigginer investor success tips
11th=days://
शेयरों में गतिविधि क्यो होती है?
बाजार कॉफी हद तक भावनाओ से प्रेरित लोगो से बने होते है। सफल मूल्य-निवेश ( वैल्यू इंवेस्टिंग ) के लिए बाजार की विविध प्रकृति की सराहना पहला कदम होता है। यहां तक कि परिवार में भी किसी विषय पर सभी लोग एकमत नही होते। अब आप लाखो निवेशको और कारोबारियों की कल्पना करें, जिनकी अलग-अलग व्याख्याएं,अलग-अलग विचार और अलग-अलग उम्मीदे होती है और आप देख सकते है कि तथ्यों और आंकड़ो को देखना और शेयरों में निवेश करना,आपके निवेश को व्यर्थ कर सकता है।
यह भी हो सकता है कि शेयरों की चाल, "मूल्य"और "बुनियादी बांतो" पर आधारित आपकी धारणाओ पर कोई प्रतिक्रिया न दिखाए। इस स्थिति में, या तो आपकी धारणाएं गलत है या बाजार को आपकी धारणाओ को जानने में कोई दिलचस्पी नही है या फिर आपके पास ऐसी सामथ्र्य नही की आप बाजार की धारणाओ को अपनी धारणाओ से मिला सके।
"मूल्य निवेश" कोई गणित नही है। यह गणित के किसी सूत्र की तरह भी नही है जहां आप किसी समीकरण को उठाकर सूत्र में रखते है और उत्तर तैयार।
"मूल्य निवेश"एक नाम है, जो उस निवेश को दिया जाता है जिसमे कोई "कीमत" दिखाई देती हो। लेकिन इस "कीमत" की व्याख्या कौन करेगा? "कीमत' है क्या? कम पी,ई? प्रबंधन की गुणवत्ता? कोई आंतरिक मूल्य? "मूल्य निवेश" के सबंध में हर किसी की धरना अलग-अलग है और सँभव है आपके "मूल्य निवेश" से शेयर में कोई गतिविधि न हो।
शेयर में धन के ज्यादा प्रवाह से गतिविधि दिखाई देती है ओर किसी शेयर से पैसा निकल जाने से उनकी कीमत गिर जाती है। यह बहुत आसान सी चीज है। यदि किसी बाजार सेक्टर या शेयर में निवेशको की दिलचस्पी बढ़ती है तो ज्यादा से ज्यादा पैसा उसमे आता है और शेयर की कीमत को ऊपर उठता है और यदि किसी सेक्टर या शेयर में दिलचस्पी नही होती न तो बहुत ज्यादा शेयरों में कारोबार होगा और न ही शेयरों की कीमत आगे बढ़ेगी। यदि आप वारेन बफेट के स्तर तक नही पहुचे तो मैं आपको सलाह दूंगा की आप बाजार का अनुसरण करें। शेयर की दिशा के साथ-साथ चले। आप "कम-मूल्यांकन" या "अधि-मूल्यांकन" के संबन्ध में अनुमान न लगाएं कम जोखिम के साथ पैसा बनाने का सबसे बढ़िया तरीका है,बाजार का अनुसरण करना।
यहां ऐसे कई गायक है, जिन्हें पाश्रव-गायक होना चाहिए लेकिन ऐसा है नही। ऐसे में कुछ लोग ही पाश्रव-गायक बन पाते है। जो लोग ऐसा कर पाते है,उनके पास एक बेहतरीन आवाज होती है,एक बेहतरीन प्रायोजक होता है और खुद को साबित करने के लिए सही मंच होता है। शेयरों को भी ऐसे निवेशको की आवश्यकता होती है,जो उनमे विश्वास दिखा सके और उनमें गति लाने के लिए,उनमे पैसा लगा सके। निवेशक की दिलचस्पी जितनी अधिक होगी, शेयर में उतनी ही गति होगी। आप पी,ई के जाल में न फसे। 6 पी,ई सस्ता है और 60 पी,ई महंगा। शेयर की कीमते ओर मूल्य एक दूसरे से जुड़े होते है यदि शेयर में पर्याप्त दिलचस्पी है तो 60 पी,ई वाला शेयर 600 पी,ई तक जा पहुँचेगा और दिलचस्पी के अभाव में, 6 पी,ई वाला शेयर 2 पी,ई तक आ जायेगा।
।।।धुंए का परदा
"वास्तविकता बहुत शातिर है..सबसे पहले,यह रुक-रुक कर घातक गोली बरसाती है, किसी रिवाल्वर के समान, जिसमें छः की बजाय सैकड़ो..नही..बल्कि हजारो "चैम्बर" है। कुछेक कोशिशों के बाद, लोग उस गोली को भूल जाते है--एक स्वस्थ सुरक्षा की झूठी भावना के अंतगर्त।"
इसमें कोई अंतर नही पड़ता कि आप शेयर को चुनते हुए कितना अच्छा शेयर पा जाते है। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी चौकसी को कमान होने दे। एक मुर्गा अपने मालिक की ओर से निराश हो जाता है, जब उसे पता चलता है कि एक दिन वह उसकी गर्दन काट देगा। बाजार किसी भी समय ऐसा झटका दे सकता है। आप चौकस बने रहे और अपने पाउडर को सूखने दे। यदि चीजे आपके मन मुताबिक नही हो रही, तो आप शेयर से बाहर निकल जाए।
यदि किसी प्रबन्धन ने शेयर को "ऊपर उठाने" का निश्चय कर लिया है तो सही घोषणाओं,उत्कृष्ट परिणामो और मीडिया के धमाकों के साथ,यह बहुत ठोस प्रयास हो सकता है। पूरी बात का इतनी अच्छी तरह से प्रबंध किया जा सकता है कि आप सीधे जाल में जाकर फंस जाए। सबसे ऊंचे मूल्य पर शेयर खरीदे उन्हें बेच न पाए या अपने घाटे को कम कर दे।
0 comments:
Post a Comment