कंपनी ट्रेक रिकॉर्ड ऑफ फंडामेंटल अनालीसिस
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में हररोज इस ब्लॉग में निवेश के सम्बंधित जानकारी को आपतक इस ब्लॉग के माध्यम पहुचता हूँ जिससे आप अपनी शेयर निवेश के बारे में काफी जानकारी देता है
धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
शेयर बाजार में रुपए कैसे बनाएं
( How to make money in stock market)
प्रत्येक व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए,बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए अच्छी कमाई जरूरी है।
आज के युग मे प्रत्येक व्यक्ति को लगता है कि शेयर मार्किट में अधिक पैसा मिलता है इसलिए ज्यादातर व्यक्ति वहाँ आकर्षित होते है। परंतु यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि एक दिन में धनवान बनना आसान नही। अगर आप ठीक तरह से जानकारी की मदद से निवेश करते है तो वह अयोग्य नही। साथ ही नीचे दी गई बातें ध्यान से पड़कर वह व्यवहार में लाकर ठीक तरह से जानकर आप निवेश करते है तो आपके सपने साकार हो सकते है।
शेयर बाजार के निवेश का वर्गीकरण
( Classification on Investments in Stock market )
(१)..जो शेयर धारक कम समय मे शेयर का लेन देन करते है उन्हें हम अंग्रेजी में चरनिंग ( churning ) कहते है। इस निवेश को शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट कहते है।
(2)..कुछ शेयर धारक ऐसे है जो किसी भी 10 या 15 स्क्रिप्ट में पैसे लगाकर 3 से 5 साल तक रखते है और उनकी खरीदी भी मार्केट में भाव नीचे आने पर 5 से10 % से करते है।
(३)..मार्केट में कुछ निवेशक एक दिन में ही शेयर की खरीदी बिक्री करके नफा या घाटा बुक करके व्यवहार पूर्ण करते है। पूँजी कम होने के कारण उन्हें एक ही दिन में यह व्यवहार करना पड़ता है परंतु इसमे बहुत जोखिम होता है
(४)..फ्यूचर ऑप्शन में शेयर बाजार के नियमो के नुसार स्क्रिप्ट का काम करने के लिए बाजार भाव सिक लॉट लेने के लिए 20% मार्जिन देना पड़ता है।इंडेक्स फ्यूचर ( index future ) में काम करना होगा तो 10% मार्जिन देना पड़ती है। इस व्यापार में व्यवहार करने के लिए ज्यादा पूँजी की जरूरत होती है।साथ ही इसमे जोखिम भी अधिक है।
पहले दो निवेश के प्रकार आसान हो सकते है सिर्फ उनमे दिमाक शांत रखकर ठीक तरह से काम किया फायदा मिल सकता है तीसरे प्रकार के निवेश में मेरे विचार से 10 दिन में जो मुनाफा हुआ है वह एक दिन के नुकसान में गायब हो सकता है। यह शेयर मार्केट का इतिहास है।इसलिए शेयर धारकों को एक दिन के लेनदेन से दूर रहना जरूरी है। अगर हमने एक ही दिन में 8 से 12%मुनाफा हासिल किया तो हमने उससे किसी भी प्रकार की गलती नही की परन्तु ऐसा करने से हमारा लालच बढ़ सकता है इसलिए हमें वह आदत नही डालनी चाहिए।
स्टॉक मार्केट में सभी स्क्रिप्ट का अलग अलग विभाग में वर्गीकरण किया होता है। इन विभागों को सेक्टर्स कहा जाता है। स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सभी कंपनी कोई न कोई प्रोडक्ट या सर्विस प्रदान करती है,और एक ही तरह या उसमे मिलते जुलते प्रोडक्ट या सर्विस प्रदान करने वाली बहुत सारी कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है जिन्हें एक विशेष सेक्टर में शामिल किया गया है।
उदा://
ऑटोमोटिव सेक्टर,बैंकिंग सेक्टर,सीमेंट सेक्टर,इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर,आइल और गैस सेक्टर,टेलीकॉम सेक्टर,पॉवर और इलेक्ट्रिक उत्पादन सेक्टर, फार्मास्युटिकल्स सेक्टर,आदि
निवेशक ने एक ही विभाग में अपना निवेश न करके अलग अलग सेक्टर्स की कंपनियों में निवेश करना चाहिए।
इस मार्केट में निवेश करने से पूर्व कौनसे विभाग का मार्केट अच्छा है यह देखकर चार पांच विभागों का नियोजन करके हर इक विभाग में थोड़ा थोड़ा निवेश करके ठीक तरीके से नफा कमाना आने चाहिए।
कुछ निवेशक ऐसे स्क्रिप्ट में निवेश करते है,जिनमे फायदे का प्रणाम धीरे धीरे बढ़ता है और कुछ निवेशक जल्दी नफा मिलना चाहिए। इसलिए ऐसे स्क्रिप्ट में निवेश करते है जिनमे फायदे का प्रमाण जल्दी बढ़ता है। परंतु उसमे जोखिम का प्रमाण भी अधिक होता है। इसलिए ऐसे स्क्रिप्ट से दूर रहना ही उचित है अगर निवेश किया ही है तो फायदा मिलने के तुरन्त बाद उससे बाहर आना चाहिए। इस निवेश में हम पूरे पैसों से सिर्फ 20 से 25% हिस्सा लगाना चाहिए। वह निवेश इस तरह करना चाहिए और इसके साथ जिनको मालूम है कि इससे बाहर कैसे निकला जाए उन्होंने ही यह व्यवहार करना चाहिए।
अगर आपने शेयर बाजार में निवेश करने का तय किया है तो आप अपनी रक्कम निश्चित करके मार्केट की शर्तों के अनुसार अगर मार्केट नीचे आता है तो खरीदी नही करनी चाहिए और जब मार्केट प्रगति कर रहा हो उस वक्त कम रक्कम लगाकर शेयर खरीदने चाहिए। एक ही दिन में हमे बड़ी रक्कम की खरीदी नही करनी चाहिए, जिससे हमें ऐसा न लगे कि वहाँ हम फस गए है। आपकी तय की हुई स्क्रिप्ट अगर ठीक भाव से आपको नही मिल रही है तो उसे अधिक भाव से लेने की जल्दबाजी न करे और नही मिली तो किसी भी प्रकार का खेद नही होना चाहिए। आपको वह स्क्रिप्ट बाद में कम भाव से मिल सकती है। मेरा आपको यह कहना है कि एक ही स्क्रिप्ट में कभी भी संपूर्ण निवेश के पांच से सात प्रतिशत से अधिक निवेश न कीजिए। यह सामान्य शेयर मार्केट का सिध्दांत है। कॉम्पनी कि पूरी जानकारी लेकर उनमे से कोई अच्छी स्क्रिप्ट चुनकर अपने रुपये निवेश कीजिए और यह करने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होना चाहिए। तो ही हम जीवन मे आगे बढ़ सकते है।
मार्केट में शेयर खरीदते समय उस कंपनी का संचालन कैसा है और उस कंपनी का मार्केट में कितने प्रमाण का उतार चढ़ाव है। इसकी जानकारी लेनी चाहिए। वह कंपनी हमारे भविष्य के लिए अच्छी है या नही यह सब ट टोलकर ही उसमे हमे वर्तमान में कम फायदा दिलाया तो भी चलेगा। परन्तु भविष्य में अच्छा फायदा मिलने के लिए उसी कंपनी में हमे निवेश करना चाहिए।
नमस्कार दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे अपने इस ब्लॉग में हररोज इस ब्लॉग में निवेश के सम्बंधित जानकारी को आपतक इस ब्लॉग के माध्यम पहुचता हूँ जिससे आप अपनी शेयर निवेश के बारे में काफी जानकारी देता है
धन्यवाद दोस्तो आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो
शेयर बाजार में रुपए कैसे बनाएं
( How to make money in stock market)
प्रत्येक व्यक्ति को जीवन व्यतीत करने के लिए,बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए अच्छी कमाई जरूरी है।
आज के युग मे प्रत्येक व्यक्ति को लगता है कि शेयर मार्किट में अधिक पैसा मिलता है इसलिए ज्यादातर व्यक्ति वहाँ आकर्षित होते है। परंतु यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि एक दिन में धनवान बनना आसान नही। अगर आप ठीक तरह से जानकारी की मदद से निवेश करते है तो वह अयोग्य नही। साथ ही नीचे दी गई बातें ध्यान से पड़कर वह व्यवहार में लाकर ठीक तरह से जानकर आप निवेश करते है तो आपके सपने साकार हो सकते है।
शेयर बाजार के निवेश का वर्गीकरण
( Classification on Investments in Stock market )
(१)..जो शेयर धारक कम समय मे शेयर का लेन देन करते है उन्हें हम अंग्रेजी में चरनिंग ( churning ) कहते है। इस निवेश को शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट कहते है।
(2)..कुछ शेयर धारक ऐसे है जो किसी भी 10 या 15 स्क्रिप्ट में पैसे लगाकर 3 से 5 साल तक रखते है और उनकी खरीदी भी मार्केट में भाव नीचे आने पर 5 से10 % से करते है।
(३)..मार्केट में कुछ निवेशक एक दिन में ही शेयर की खरीदी बिक्री करके नफा या घाटा बुक करके व्यवहार पूर्ण करते है। पूँजी कम होने के कारण उन्हें एक ही दिन में यह व्यवहार करना पड़ता है परंतु इसमे बहुत जोखिम होता है
(४)..फ्यूचर ऑप्शन में शेयर बाजार के नियमो के नुसार स्क्रिप्ट का काम करने के लिए बाजार भाव सिक लॉट लेने के लिए 20% मार्जिन देना पड़ता है।इंडेक्स फ्यूचर ( index future ) में काम करना होगा तो 10% मार्जिन देना पड़ती है। इस व्यापार में व्यवहार करने के लिए ज्यादा पूँजी की जरूरत होती है।साथ ही इसमे जोखिम भी अधिक है।
पहले दो निवेश के प्रकार आसान हो सकते है सिर्फ उनमे दिमाक शांत रखकर ठीक तरह से काम किया फायदा मिल सकता है तीसरे प्रकार के निवेश में मेरे विचार से 10 दिन में जो मुनाफा हुआ है वह एक दिन के नुकसान में गायब हो सकता है। यह शेयर मार्केट का इतिहास है।इसलिए शेयर धारकों को एक दिन के लेनदेन से दूर रहना जरूरी है। अगर हमने एक ही दिन में 8 से 12%मुनाफा हासिल किया तो हमने उससे किसी भी प्रकार की गलती नही की परन्तु ऐसा करने से हमारा लालच बढ़ सकता है इसलिए हमें वह आदत नही डालनी चाहिए।
स्टॉक मार्केट में सभी स्क्रिप्ट का अलग अलग विभाग में वर्गीकरण किया होता है। इन विभागों को सेक्टर्स कहा जाता है। स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सभी कंपनी कोई न कोई प्रोडक्ट या सर्विस प्रदान करती है,और एक ही तरह या उसमे मिलते जुलते प्रोडक्ट या सर्विस प्रदान करने वाली बहुत सारी कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है जिन्हें एक विशेष सेक्टर में शामिल किया गया है।
उदा://
ऑटोमोटिव सेक्टर,बैंकिंग सेक्टर,सीमेंट सेक्टर,इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर,आइल और गैस सेक्टर,टेलीकॉम सेक्टर,पॉवर और इलेक्ट्रिक उत्पादन सेक्टर, फार्मास्युटिकल्स सेक्टर,आदि
निवेशक ने एक ही विभाग में अपना निवेश न करके अलग अलग सेक्टर्स की कंपनियों में निवेश करना चाहिए।
इस मार्केट में निवेश करने से पूर्व कौनसे विभाग का मार्केट अच्छा है यह देखकर चार पांच विभागों का नियोजन करके हर इक विभाग में थोड़ा थोड़ा निवेश करके ठीक तरीके से नफा कमाना आने चाहिए।
कुछ निवेशक ऐसे स्क्रिप्ट में निवेश करते है,जिनमे फायदे का प्रणाम धीरे धीरे बढ़ता है और कुछ निवेशक जल्दी नफा मिलना चाहिए। इसलिए ऐसे स्क्रिप्ट में निवेश करते है जिनमे फायदे का प्रमाण जल्दी बढ़ता है। परंतु उसमे जोखिम का प्रमाण भी अधिक होता है। इसलिए ऐसे स्क्रिप्ट से दूर रहना ही उचित है अगर निवेश किया ही है तो फायदा मिलने के तुरन्त बाद उससे बाहर आना चाहिए। इस निवेश में हम पूरे पैसों से सिर्फ 20 से 25% हिस्सा लगाना चाहिए। वह निवेश इस तरह करना चाहिए और इसके साथ जिनको मालूम है कि इससे बाहर कैसे निकला जाए उन्होंने ही यह व्यवहार करना चाहिए।
अगर आपने शेयर बाजार में निवेश करने का तय किया है तो आप अपनी रक्कम निश्चित करके मार्केट की शर्तों के अनुसार अगर मार्केट नीचे आता है तो खरीदी नही करनी चाहिए और जब मार्केट प्रगति कर रहा हो उस वक्त कम रक्कम लगाकर शेयर खरीदने चाहिए। एक ही दिन में हमे बड़ी रक्कम की खरीदी नही करनी चाहिए, जिससे हमें ऐसा न लगे कि वहाँ हम फस गए है। आपकी तय की हुई स्क्रिप्ट अगर ठीक भाव से आपको नही मिल रही है तो उसे अधिक भाव से लेने की जल्दबाजी न करे और नही मिली तो किसी भी प्रकार का खेद नही होना चाहिए। आपको वह स्क्रिप्ट बाद में कम भाव से मिल सकती है। मेरा आपको यह कहना है कि एक ही स्क्रिप्ट में कभी भी संपूर्ण निवेश के पांच से सात प्रतिशत से अधिक निवेश न कीजिए। यह सामान्य शेयर मार्केट का सिध्दांत है। कॉम्पनी कि पूरी जानकारी लेकर उनमे से कोई अच्छी स्क्रिप्ट चुनकर अपने रुपये निवेश कीजिए और यह करने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होना चाहिए। तो ही हम जीवन मे आगे बढ़ सकते है।
मार्केट में शेयर खरीदते समय उस कंपनी का संचालन कैसा है और उस कंपनी का मार्केट में कितने प्रमाण का उतार चढ़ाव है। इसकी जानकारी लेनी चाहिए। वह कंपनी हमारे भविष्य के लिए अच्छी है या नही यह सब ट टोलकर ही उसमे हमे वर्तमान में कम फायदा दिलाया तो भी चलेगा। परन्तु भविष्य में अच्छा फायदा मिलने के लिए उसी कंपनी में हमे निवेश करना चाहिए।
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