इंवेशटिंग
हेलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे निवेश के बारे ब्लॉग में दिया हु जिससे आप भी इंवेशटिंग के बारे ज्यादा जानकारी प्राप्त का सकते है
पोस्ट ऑफिस रिकरींग डिपॉजिट
(Post Office Recurring Deposit):
यह निवेश बैंक के रिकरींग योजना जैसे ही है । यह योजना अधिक समय के लिए अच्छी है। परंतु नियमित आय के लिए योग्य नही है इसमें हम छोटे छोटे हिस्सो से बड़ी रक्कम बना सकते है। इस योजना में पोस्ट ऑफिस 7.5% ब्याज देती है।
अगर आप 5 वर्ष के लिए रिकरींग योजना में हर महीने 1000 रुपये भरते है तो मैच्युरिटी के समय आपको 72,890 रु वापस मिलेंगे
फायदे:///
* पोस्ट ऑफिस रिक्स को भी सरकार का सहकार्य है।पोस्ट में ब्याज और मूल रक्कम सुरक्षित होती है। रक्कम समय की निशिचत अवधि के बाद में वापस मिलती है।
पोस्ट ऑफिस मासिक इन्कम स्किम
(Post Office Monthly Income Scheme):
इस योजना में निवेशक को हर महीने ब्याज मिलता है। जिन्हें हर महीने कमाई चाहिए उनके लिए यह योजना अच्छी है। इस योजना में सिर्फ एक बार पैसा जमा करिये और हर महीने ब्याज लीजिये। इस योजना का लाभ अधिकतर निवृत्त व्यक्ति अथवा विधवा स्त्रियों ने अपना खुद का खर्च चलाने के लिए करना चाहिए
इस योजना का वर्तमान ब्याज 8% का है।
नेशनल सेविंग स्किम
(National Seving schems):
यह योजना पोस्ट ऑफिस के जरिये चलती है।इसमें 7% चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इस योजना में आयकर विभाग के टैक्स में छूट मिलती है। यह पूरी तरह सुरक्षित निवेश है। एकबार ब्याज का दर तय हुआ तो फिर से कम नीचे नही होता।यह योजना देश के किशी भी पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध है।
यह योजना 4 वर्षो के लिए होती है। उसका समय 4 वर्षो से बढ़ाना हो तो वह हो सकता है। इसके लिए फार्म पोस्ट ऑफिस में मिलता है।
नुकसान://
इस योजना के जरिये बैंक से ऋण नही ले सकते।
किसान विकास पत्र
(Kisan Vikas Patra):
इस योजना में निवेश 8 वर्ष और 7 महीने में दुगिनी होती है।इस योजना में रुपये निर्धारित समय से पूर्व मिल सकते है और इसकी बिक्री देश के सभी पोस्ट ऑफिस में होती है इस योजना में 8% का चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।
इस योजना में नियमित आय नही मिलती। इसे सरकार की अनुमति है,इसीलिए यह सुरक्षित योजना है।
म्युच्युअल फण्ड
(Mutual Fund):
म्युच्युअल फण्ड एक ट्रस्ट है,यह ट्रस्ट चरिटी कमीशन ऑफ ट्रस्ट के पास रजिस्टर होती है। यह संस्था लोगो से रुपये जमा करके अलग अलग सिक्योरिटी में उन रुपयों का निवेश करते है। निवेश उस स्किम के उद्देश के जैसा होता है।
दूसरे शब्दों में कहा जाय तो म्युच्युअल मतलब सामान्य लोगो की लागत एकत्रित करना और उसका निवेश करने का जरिया है। म्युच्युअल की अधिक जानकारी लेकर ही निवेश करना चाहिए
शेअर्स
(Shares):
वित्तीय भाषा मे,अंश अथवा शेअर् का अर्थ किसी कम्पनी में भाग या हिस्सा होता है। एक कम्पनी के कुल मलिकी (ownership) को लाखों करोड़ों टुकड़ो में बाँट दिया जाता है। मलिकी का हर एक टुकड़ा एक शेअर होता है। यह शेअर जिनके नाम पर होते है उन्हें शेअर होल्डर कहा जाता है। वह कम्पनी के भागीदार है ऐसा हम कहते है। जिसके पास जितने ज्यादा शेअर होंगे,कम्पनी में उसकी हिस्सेदारी उतनी ही ज्यादा होगी।
कम्पनी के शेअर होल्डर को मतदान करने का अधिकार होता है।
लोग इस हिस्सेदारी को खरीद और बेच भी सकते है। इसके लिए ही शेअर बाजार(स्टॉक एक्सचेंज) बने हुए है। भारत मे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बी,एस, ई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(एन, एस, ई) प्रमुख शेअर बाजार है।
हेलो दोस्तो मैं प्रेमगेन्द्रे निवेश के बारे ब्लॉग में दिया हु जिससे आप भी इंवेशटिंग के बारे ज्यादा जानकारी प्राप्त का सकते है
पोस्ट ऑफिस रिकरींग डिपॉजिट
(Post Office Recurring Deposit):
यह निवेश बैंक के रिकरींग योजना जैसे ही है । यह योजना अधिक समय के लिए अच्छी है। परंतु नियमित आय के लिए योग्य नही है इसमें हम छोटे छोटे हिस्सो से बड़ी रक्कम बना सकते है। इस योजना में पोस्ट ऑफिस 7.5% ब्याज देती है।
अगर आप 5 वर्ष के लिए रिकरींग योजना में हर महीने 1000 रुपये भरते है तो मैच्युरिटी के समय आपको 72,890 रु वापस मिलेंगे
फायदे:///
* पोस्ट ऑफिस रिक्स को भी सरकार का सहकार्य है।पोस्ट में ब्याज और मूल रक्कम सुरक्षित होती है। रक्कम समय की निशिचत अवधि के बाद में वापस मिलती है।
पोस्ट ऑफिस मासिक इन्कम स्किम
(Post Office Monthly Income Scheme):
इस योजना में निवेशक को हर महीने ब्याज मिलता है। जिन्हें हर महीने कमाई चाहिए उनके लिए यह योजना अच्छी है। इस योजना में सिर्फ एक बार पैसा जमा करिये और हर महीने ब्याज लीजिये। इस योजना का लाभ अधिकतर निवृत्त व्यक्ति अथवा विधवा स्त्रियों ने अपना खुद का खर्च चलाने के लिए करना चाहिए
इस योजना का वर्तमान ब्याज 8% का है।
नेशनल सेविंग स्किम
(National Seving schems):
यह योजना पोस्ट ऑफिस के जरिये चलती है।इसमें 7% चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इस योजना में आयकर विभाग के टैक्स में छूट मिलती है। यह पूरी तरह सुरक्षित निवेश है। एकबार ब्याज का दर तय हुआ तो फिर से कम नीचे नही होता।यह योजना देश के किशी भी पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध है।
यह योजना 4 वर्षो के लिए होती है। उसका समय 4 वर्षो से बढ़ाना हो तो वह हो सकता है। इसके लिए फार्म पोस्ट ऑफिस में मिलता है।
नुकसान://
इस योजना के जरिये बैंक से ऋण नही ले सकते।
किसान विकास पत्र
(Kisan Vikas Patra):
इस योजना में निवेश 8 वर्ष और 7 महीने में दुगिनी होती है।इस योजना में रुपये निर्धारित समय से पूर्व मिल सकते है और इसकी बिक्री देश के सभी पोस्ट ऑफिस में होती है इस योजना में 8% का चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।
इस योजना में नियमित आय नही मिलती। इसे सरकार की अनुमति है,इसीलिए यह सुरक्षित योजना है।
म्युच्युअल फण्ड
(Mutual Fund):
म्युच्युअल फण्ड एक ट्रस्ट है,यह ट्रस्ट चरिटी कमीशन ऑफ ट्रस्ट के पास रजिस्टर होती है। यह संस्था लोगो से रुपये जमा करके अलग अलग सिक्योरिटी में उन रुपयों का निवेश करते है। निवेश उस स्किम के उद्देश के जैसा होता है।
दूसरे शब्दों में कहा जाय तो म्युच्युअल मतलब सामान्य लोगो की लागत एकत्रित करना और उसका निवेश करने का जरिया है। म्युच्युअल की अधिक जानकारी लेकर ही निवेश करना चाहिए
शेअर्स
(Shares):
वित्तीय भाषा मे,अंश अथवा शेअर् का अर्थ किसी कम्पनी में भाग या हिस्सा होता है। एक कम्पनी के कुल मलिकी (ownership) को लाखों करोड़ों टुकड़ो में बाँट दिया जाता है। मलिकी का हर एक टुकड़ा एक शेअर होता है। यह शेअर जिनके नाम पर होते है उन्हें शेअर होल्डर कहा जाता है। वह कम्पनी के भागीदार है ऐसा हम कहते है। जिसके पास जितने ज्यादा शेअर होंगे,कम्पनी में उसकी हिस्सेदारी उतनी ही ज्यादा होगी।
कम्पनी के शेअर होल्डर को मतदान करने का अधिकार होता है।
लोग इस हिस्सेदारी को खरीद और बेच भी सकते है। इसके लिए ही शेअर बाजार(स्टॉक एक्सचेंज) बने हुए है। भारत मे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बी,एस, ई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(एन, एस, ई) प्रमुख शेअर बाजार है।
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